

00 वाहन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, आगामी उपचार के लिएअस्पताल में कराया गया भर्ती
➡️ बिलासपुर डॉयल-112 को माह नवंबर में कुल 6403 इवेंट प्राप्त हुए थे जिसमें 387 इवेंट प्रसव पीड़ा से संबंधित है जिसमें से तीन प्रसूता को अस्पताल जाते समय रास्ते में ही सुरक्षित डिलीवरी 112 वाहन में करायी गई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के दो अलग-अलग मामलों में चिकित्सा व्यवस्था दम तोड़ती नजर आ रही थी, लेकिन इस बीच पुलिस की डायल 112 सेवा ने संजीवनी का काम किया। पहले मामले में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की पर बीच रास्ते में ही उसका सुरक्षित प्रसव कराना पड़ा। एक अन्य मामले में गैस सिलेंडर ब्लास्ट में झुलसे दंपती को उपचार के लिए तत्काल ही अस्पताल में भर्ती कराया।
पहला मामला
सिविल लाइन इगल -1 को थाना कोनी क्षेत्र के तुरकड़ी में एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) के लिए भी डॉयल-112 ऐसे ही फरिश्ता बनकर पहुंची। महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही और मदद का इंतजार कर रही थी। घर में अस्पताल ले जाने का कोई साधन नहीं था। सूचना मिलते ही तत्काल महिला के घर डायल 112 की वाहन पहुंची। महिला को उनके परिजनों एवं ग्राम मितानिन के साथ वाहन में अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में प्रसव पीड़ा अधिक होने एवं परिजनों द्वारा वाहन को रोकने हेतु निवेदन करने पर रास्ते में ही वाहन को रोका गाया । डायल-112 के आरक्षक 495 राकेश कांची चालक रमेश साहू द्वारा तत्काल डिलीवरी हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई l मितानीन एवं परिजनों की सहायता से गाड़ी में ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई । जहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं बाद बच्चे एवं प्रसूता को प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया ।
दूसरा मामला


➡️ गैस सिलेंडर फटने से दंपति घायल, मौके पर पहुंची डायल 112 ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया
➡️घटना स्थल – ग्राम डोडकी पास थाना मस्तूरी ।
➡️ डायल -112, छत्तीसगढ़ में जनकल्याण एवं आपातकालीन सेवा की दृष्टिकोण से लगातार कार्य किया जा रहा है इसी कड़ी में डायल 112 बिलासपुर को माह नवंबर में कुल 6403 आपातकालीन सेवा हेतु इवेंट प्राप्त हुए जिसके अंतर्गत ग्राम डोडकी थाना मस्तूरी क्षेत्र में गैस सिलेंडर फटने से दंपति घायल होने की सूचना मस्तूरी ईगल-1 को प्राप्त हुई मौके पर पहुंची डायल 112 टीम ने देखा कि गैस सिलेंडर फटने से महिला का चेहरा पूरी तरह से झुलस गया था एवं उसके पति के हाथ एवं पर जल चुके थे जिसे अस्पताल ले जाने हेतु कोई साधन नहीं होने से अपने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आरक्षक 420 अविनाश कश्यप एवं चालक विनय कुमार द्वारा दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार करते हुए अविलंब अस्पताल में भर्ती कर उसकी जान बचाई।



