तीसरी लाइन सेक्शन में नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद्द, गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर से ही चलेगी और यहीं तक रहेगी सीमित
बिलासपुर, 14 जुलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में रेल अधोसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कार्य शुरू होने जा रहा है। भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के मध्य तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के चलते 18 और 19 जुलाई को कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग शुरू होने के बाद इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और क्षमता के अनुरूप किया जा सकेगा। इसी कार्य को पूरा करने के लिए कुछ समय के लिए यात्री सेवाओं में बदलाव किया गया है।
इन ट्रेनों का परिचालन रहेगा पूरी तरह रद्द
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनें निर्धारित तिथियों में रद्द रहेंगी—
19 जुलाई – गाड़ी संख्या 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू पैसेंजर
19 जुलाई – गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
19 जुलाई – गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू पैसेंजर
18 एवं 19 जुलाई – गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू पैसेंजर
18 एवं 19 जुलाई – गाड़ी संख्या 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
18 एवं 19 जुलाई – गाड़ी संख्या 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
18 जुलाई – गाड़ी संख्या 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
19 जुलाई – गाड़ी संख्या 68745 गेवरा रोड–रायपुर मेमू पैसेंजर
दो ट्रेनें बिलासपुर तक ही रहेंगी सीमित
एनआई कार्य के चलते गोंदिया–झारसुगुड़ा रेलखंड पर चलने वाली दो मेमू ट्रेनों का संचालन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।
गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर 18 एवं 19 जुलाई को गोंदिया से नहीं चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होकर आगे झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी। यानी गोंदिया से बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।
गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू पैसेंजर 18 एवं 19 जुलाई को बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त होगी। इसके बाद बिलासपुर से गोंदिया के बीच ट्रेन का संचालन नहीं होगा।
अधोसंरचना विकास का हिस्सा है कार्य
रेलवे प्रशासन के अनुसार भाटापारा–हथबंध सेक्शन में तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली लागू करने का कार्य अधोसंरचना उन्नयन परियोजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से भविष्य में इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और परिचालन क्षमता बेहतर होने की संभावना है। इसी तकनीकी प्रक्रिया के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण अस्थायी रूप से कुछ यात्री ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है।
सबसे अधिक असर इन रूटों के यात्रियों पर
इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव रायपुर–बिलासपुर, बिलासपुर–गेवरा रोड, कोरबा–रायपुर, रायपुर–कोरबा तथा गोंदिया–बिलासपुर रेलखंड पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से मेमू और पैसेंजर ट्रेनों से सफर करने वाले दैनिक यात्री, विद्यार्थी, नौकरीपेशा कर्मचारी और छोटे व्यापारियों को 18 और 19 जुलाई के दौरान वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ सकती है।



