Latest news

जनदर्शन पर फूटा जनआक्रोश…बेदखली, भ्रष्टाचार, बिजली संकट, कम राशन और मजदूरी भुगतान को लेकर कलेक्टर के सामने न्याय की गुहार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
8 Min Read

बिलासपुर में जनदर्शन के दौरान उमड़ी भीड़, गांव-गांव से पहुंचे लोग; किसी ने घर बचाने की गुहार लगाई तो किसी ने भ्रष्टाचार, अतिक्रमण, बिजली, राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल

बिलासपुर, 14 जुलाई। मंगलवार को कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन आम लोगों की उम्मीदों का सबसे बड़ा मंच बनकर सामने आया। सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें, मांगें और समस्याएं लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसी के सिर पर बेदखली का खतरा था, कोई वर्षों की मजदूरी के भुगतान के लिए न्याय मांग रहा था, कहीं राशन में कम तौल की शिकायत थी तो कहीं पंचायत में भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, अतिक्रमण, बिजली कटौती और अधूरे विकास कार्यों को लेकर लोगों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।


कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जनदर्शन में एक-एक आवेदन सुना और अधिकांश मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल भी लोगों की शिकायतें सुनते रहे।


घुटकू के 50 साल पुराने बसेरे पर संकट, ग्रामीण बोले- हटाए गए तो सिर छिपाने की जगह नहीं बचेगी
जनदर्शन का सबसे संवेदनशील मामला ग्राम घुटकू से सामने आया। दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि वे पिछले 50 वर्ष से अधिक समय से आबादी भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन अब पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) के माध्यम से उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जमीन नहीं है। यदि उन्हें हटाया गया तो पूरा परिवार बेघर हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 15 एकड़ से अधिक भूमि पर फूड पार्क प्रस्तावित होने की चर्चा है, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखली नहीं करने की मांग की।

मदनपुर पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप, सचिव को हटाने की मांग
बिल्हा विकासखंड के ग्राम पंचायत मदनपुर के ग्रामीण पंचायत सचिव संतोष कुमार तिवारी को हटाने की मांग लेकर जनदर्शन पहुंचे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत निधि के उपयोग में अनियमितता बरती जा रही है। आय-व्यय का हिसाब नहीं दिया जाता। जनवरी 2024 से जून 2026 तक जल, मोटर, वायरिंग, रेत, सीमेंट सहित विभिन्न कार्यों के भुगतान लंबित हैं।
शिकायत में कहा गया कि पंचायत के कई विकास कार्य अधूरे हैं। आरसीसी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ, मोतीलाल तालाब के पास बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल हैं तथा हाई स्कूल के अतिरिक्त कक्ष के लिए स्वीकृत लगभग 9 लाख रुपये की राशि निकालने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हुआ। पंचायत कार्यालय नियमित नहीं खुलने की शिकायत भी की गई।

सेंवार पंचायत ने विकास कार्यों के लिए रखीं तीन बड़ी मांगें
ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरनलाल रजक ने गांव के विकास से जुड़े तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
उन्होंने गांव में पर्यावरण संरक्षण के लिए 200 फलदार पौधों, पूर्व माध्यमिक शाला में 228 विद्यार्थियों के लिए नए शौचालय और प्रार्थना शेड निर्माण तथा मुक्तिधाम, छोटकी छुइहा तालाब एवं साप्ताहिक बाजार स्थल से अतिक्रमण हटाकर सीमांकन कराने की मांग की।

चपोरा के ग्रामीण बोले- अस्पताल बदहाल, सड़क पर कब्जा, बिजली से बेहाल गांव
कोटा विकासखंड के ग्राम चपोरा से पहुंचे ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं, अतिक्रमण और बिजली व्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने की सलाह दी जाती है और गर्भवती महिलाओं को मामूली जांच के लिए भी बिलासपुर या रतनपुर रेफर किया जाता है।
ग्रामीणों ने मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने और गांव की जर्जर बिजली व्यवस्था में सुधार की भी मांग की।
इसी गांव की महिला सरपंच दीपमाला ने भी बताया कि मोहतरा, चपोरा, बांसाझाल और पुडू फीडर में लगातार अघोषित बिजली कटौती से हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
राशन दुकान में कम तौल का आरोप, हितग्राहियों ने खोली व्यवस्था की पोल
ग्राम नवागांव सोनसाय के ग्रामीणों ने शिकायत की कि राशन दुकान संचालक हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दे रहा है।
शिकायत के अनुसार जांच के दौरान 20 किलो पर आधा किलो तथा 35 किलो पर 800 ग्राम तक कम तौल मिली। हितग्राहियों ने यह भी आरोप लगाया कि चने का वितरण नहीं किया गया।
ईंट भट्ठे के मजदूर ने मांगा मेहनत का पूरा पैसा
तखतपुर तहसील के नवापारा निवासी मजदूर भोजराम डहरिया अपने परिवार के साथ जनदर्शन पहुंचे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने 57,158 ईंटें बनाई थीं, जिसके एवज में 59,850 रुपये मजदूरी बनती है, लेकिन भट्ठा संचालक ने केवल 36 हजार रुपये दिए और 23,850 रुपये का भुगतान करने से इनकार कर दिया। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
राशन कार्ड ट्रांसफर कराने पहुंची महिला
बिलासपुर के रानी दुर्गावती खमतराई वार्ड-58 निवासी वृंदा पटेल ने बताया कि उनका राशन कार्ड बिलासपुर में है, लेकिन वर्तमान में वे रायगढ़ जिले के ओडेकेरा सराईपाली में रह रही हैं।
बार-बार बिलासपुर आने में परेशानी होने के कारण उन्होंने राशन कार्ड को रायगढ़ की उचित मूल्य दुकान में स्थानांतरित करने की मांग की।
आंगनबाड़ी गांव से तीन किलोमीटर दूर बनाने का विरोध
मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम वृंदावन निवासी दुकेश कुमार पाटले ने शिकायत की कि ग्राम पंचायत डंगनिया में आंगनबाड़ी केंद्र गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इतनी दूरी होने से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी होगी। उन्होंने आंगनबाड़ी गांव के भीतर बनाने की मांग की।
राशन दुकान संचालकों ने भी उठाए सवाल, भुगतान और टीडीएस का मांगा पूरा हिसाब
शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता एवं कल्याण संघ ने भी जनदर्शन में आवेदन देकर भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
संघ ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी जाती कि भुगतान किस मद में किया गया, किस माह का भुगतान है, किस खाते में राशि जमा हुई तथा टीडीएस कितना काटा गया और किस PAN/TAN के माध्यम से जमा किया गया। उन्होंने प्रत्येक भुगतान के साथ विस्तृत पेमेंट स्टेटमेंट जारी करने की मांग की।
जनदर्शन में सबसे ज्यादा किन मुद्दों की गूंज रही
पूरे जनदर्शन के दौरान जिन मुद्दों ने सबसे अधिक जगह बनाई, उनमें शामिल रहे—
आबादी भूमि से बेदखली का विवाद।
पंचायतों में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितता।
राशन वितरण में कम तौल और गड़बड़ी।
मजदूरों के बकाया भुगतान का मामला।
बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली।
अतिक्रमण और सीमांकन विवाद।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी।
राशन कार्ड स्थानांतरण और अन्य राजस्व संबंधी आवेदन।
शाला प्रवेशोत्सव, भूमि विवाद एवं अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें।
जनदर्शन के दौरान कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। पूरे दिन जिला कलेक्टोरेट परिसर लोगों की भीड़, उम्मीदों और अपनी-अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गूंजता रहा।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।