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बिलासपुर में इमरान प्रतापगढ़ी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- 10 साल में 89 पेपर लीक, 6.5 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद; शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत बिलासपुर पहुंचे राज्यसभा सांसद; बोले- पेपर लीक सिर्फ परीक्षा नहीं, युवाओं के सपनों की हत्या है


बिलासपुर। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने रविवार को बिलासपुर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
प्रतापगढ़ी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक और 21 स्टूडेंट के सुसाइड करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे 6.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। उनका आरोप था कि हर बार छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके भरोसे पर सीधा हमला है। कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और न्याय के लिए उठा रही है।


प्रेस वार्ता में प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों से निराश होकर 21 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर संकट पर जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे हुए है, जबकि लाखों परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जा रहा है। इस दौरान छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवा और शिक्षा क्षेत्र के लोगों से संवाद किया जाएगा। बिलासपुर इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल सवालों से लगातार बच रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी कहा कि यदि सरकार पेपर लीक पर प्रभावी कानून, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रमुख बातें
10 वर्षों में 89 पेपर लीक के मामलों का दावा।
6.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का आरोप।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग।
पेपर लीक से 21 से अधिक छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान 40 दिनों तक 28 शहरों में चलेगा।
कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर देशव्यापी संवाद तेज करने का ऐलान किया।

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