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5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब वेतन के बदले मिलेगा बिना ब्याज अल्पावधि ऋण, सीएम साय ने लॉन्च की डिजिटल योजना

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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ई-कोष से होगा ऑनलाइन आवेदन, निजी साहूकारों और महंगे कर्ज से मिलेगी राहत; दो महीने के पायलट में 27 हजार कर्मचारी उठा चुके हैं लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देने वाली योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारी आकस्मिक जरूरतों के समय अपने वेतन के आधार पर बिना ब्याज अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ई-कोष प्रणाली से जुड़ी होगी और आवेदन से लेकर ऋण वितरण तक की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी होगी।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया और इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन तथा संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताया।
आर्थिक संकट में नहीं लेना पड़ेगा महंगा कर्ज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। यदि कर्मचारी आर्थिक तनाव से मुक्त रहेंगे तो वे अधिक प्रभावी ढंग से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं होगी। सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है जिससे पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक कागजी कार्रवाई के त्वरित वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, ई-कोष से मिलेगा सीधा लाभ
योजना को वित्त विभाग ने ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होते ही ऋण स्वीकृति और राशि का वितरण किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था पूरी तरह पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी होगी तथा इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
वित्त मंत्री बोले- कैशलेस इलाज के बाद अब बिना ब्याज ऋण की सुविधा
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू की गई है, जिससे कर्मचारियों को तात्कालिक जरूरतों के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के पायलट चरण में मात्र दो महीने के भीतर 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी प्राप्त कर चुके हैं।
वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है।
कर्मचारी संगठनों ने बताया लंबे समय की मांग पूरी
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कर्मचारियों की यह लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता थी। योजना लागू होने से आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
डेटा सुरक्षा और डिजिटल प्रमाणीकरण पर रहेगा विशेष जोर
वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा। इससे कर्मचारियों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी सुरक्षित रहेगी।
5 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
राज्य में वर्तमान में 5 लाख से अधिक शासकीय अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार की यह नई योजना लागू होने के बाद इन सभी पात्र कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण लेने की सुविधा मिलेगी। इससे निजी फाइनेंस कंपनियों और साहूकारों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
योजना की प्रमुख बातें
5 लाख से अधिक शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ।
वेतन के विरुद्ध बिना ब्याज अल्पावधि ऋण की सुविधा।
पूरी प्रक्रिया ई-कोष प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन।
ई-केवाईसी और डिजिटल प्रमाणीकरण के बाद त्वरित ऋण वितरण।
निजी साहूकारों और ऊंची ब्याज दर वाले कर्ज से मिलेगी राहत।
पायलट चरण में 73 हजार से अधिक पंजीयन, 27 हजार कर्मचारी लाभान्वित।
भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को अधिक राशि के ऋण की भी तैयारी।

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