एनएमसी के पीजी मेडिकल एजुकेशन बोर्ड ने दी अनुमति; एमडी की 69 और एमएस की 22 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ, विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करने में मिलेगा नया विस्तार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड (PGMEB) ने सिम्स के 19 स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण को अस्थायी स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों की कुल 91 सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिली है।
एनएमसी की स्वीकृति में एमडी के 14 पाठ्यक्रमों की 69 सीटें और एमएस के 5 पाठ्यक्रमों की 22 सीटें शामिल हैं। इससे सिम्स में विभिन्न विशेषज्ञताओं में पीजी चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में प्रदेश को प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
14 एमडी पाठ्यक्रमों में 69 सीटें
एनएमसी की स्वीकृति के अनुसार सिम्स में एमडी के 14 पाठ्यक्रमों के लिए सीटें स्वीकृत की गई हैं। इनमें सामुदायिक चिकित्सा की 5, फॉरेंसिक मेडिसिन की 2, एनाटॉमी की 3, बायोकेमिस्ट्री की 4, फार्माकोलॉजी की 5, माइक्रोबायोलॉजी की 5 और पीडियाट्रिक्स की 6 सीटें शामिल हैं।
इसी तरह एनेस्थीसियोलॉजी में 8, त्वचा रोग में 3, जनरल मेडिसिन में 8, मनोचिकित्सा में 3, पैथोलॉजी में 9, रेडियो डायग्नोसिस में 3 तथा रेस्पिरेटरी मेडिसिन में 2 सीटों को भी स्वीकृति मिली है।
एमएस के 5 पाठ्यक्रमों में 22 सीटें
एमएस पाठ्यक्रमों की बात करें तो ईएनटी में 4, नेत्र रोग में 3, प्रसूति एवं स्त्री रोग में 6, ऑर्थोपेडिक्स में 6 तथा जनरल सर्जरी में 6 सीटें शामिल हैं।
इस तरह एमडी और एमएस की सभी स्वीकृत सीटों को मिलाकर सिम्स में कुल 91 पीजी सीटों पर प्रवेश का अवसर उपलब्ध होगा।
अधिष्ठाता बोले- संस्थान के लिए गौरव का विषय
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति मिलना संस्थान के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि सिम्स परिवार, विशेषकर पीजी विद्यार्थियों, शिक्षकों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक है।
उन्होंने कहा कि एमडी एवं एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति मिलना सिम्स की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर व्यावहारिक और चिकित्सकीय प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में प्रदेश को विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में अधिक संख्या में दक्ष एवं विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे।
चिकित्सा अधीक्षक ने भी जताई खुशी
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति मिलना सिम्स के लिए महत्वपूर्ण और उत्साहवर्धक उपलब्धि है।
19 पाठ्यक्रम और 91 सीटें, सिम्स में पीजी शिक्षा को मिलेगी नई गति
एनएमसी की यह स्वीकृति सिम्स की शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति देने वाली मानी जा रही है। अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताओं में पीजी सीटों की उपलब्धता से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। इसके साथ ही आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को विभिन्न विशेषज्ञताओं में प्रशिक्षित चिकित्सक मिलने का रास्ता भी मजबूत होगा।
सिम्स प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, पीजी विद्यार्थियों और समस्त कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
एनएमसी की शर्त भी महत्वपूर्ण
एनएमसी ने अपने स्वीकृति पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वास्तविक सीटों की संख्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा अनुमत संख्या के अनुसार ही मान्य होगी। यानी अंतिम रूप से मान्य सीटों की संख्या MARB की अनुमति के अनुरूप ही होगी।
एक नजर में
संस्थान: छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर
सत्र: 2026-27
नवीनीकरण: 19 पीजी चिकित्सा पाठ्यक्रम
एमडी: 14 पाठ्यक्रम, 69 सीटें
एमएस: 5 पाठ्यक्रम, 22 सीटें
कुल: 19 पाठ्यक्रम, 91 सीटें
स्वीकृति: एनएमसी के पीजीएमईबी से अस्थायी अनुमति
सीटों की अंतिम मान्यता: MARB की अनुमत संख्या के अनुसार



