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बिलासपुर में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा: पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार, 20 लाख की 4750 कैप्सूल-टैबलेट जब्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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सीपत के गुड़ी गांव में ACCU और पुलिस की संयुक्त रेड; प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट मिलीं, कुल वजन 2.495 किलो, आरोपियों के पास नहीं था कोई वैध दस्तावेज या डॉक्टर का पर्चा
बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट की कुल 4750 नग जब्त की हैं। जब्त नशीली दवाओं का कुल वजन 2495.64 ग्राम (करीब 2.495 किलो) और कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास इन दवाओं को रखने अथवा बेचने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या डॉक्टर का पर्चा नहीं मिला।


कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर की गई। मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आगे की कड़ियां तलाशने में जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर गुड़ी में घर की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले में नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद एसीसीयू बिलासपुर की टीम लगातार नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने पुत्र मुकेश लोनिया और अन्य रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर दीगर प्रांत से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट लाकर उनकी बिक्री करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस के मुताबिक इस तरह के कारोबार से आसपास के बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा था और नशे की गिरफ्त में आकर कुछ लोग अन्य गंभीर अपराधों में भी संलिप्त हो रहे थे।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। अधिकारियों से कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने रणनीति तैयार की और एसीसीयू बिलासपुर तथा सीपत थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम गुड़ी स्थित उग्रसेन लोनिया के घर पर रेड की।
घर से मिली 4750 नशीली कैप्सूल-टैबलेट
रेड के दौरान मौके पर उग्रसेन लोनिया, उसका पुत्र मुकेश लोनिया और परमेश्वर लोनिया मौजूद मिले। पुलिस ने उनके कब्जे से बिक्री के लिए रखी गई प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट की कुल 4750 नग बरामद कीं। जब्त दवाओं की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस जांच में आरोपियों के पास इन नशीली दवाओं को रखने या बेचने के लिए कोई वैध दस्तावेज और डॉक्टर की पर्ची नहीं मिली। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस अब सप्लाई चेन तक पहुंचने में जुटी
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल दवाएं जब्त करने और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। नशीले कारोबार की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए एण्ड-टू-एण्ड विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान गिरफ्तार और मामले में सामने आने वाले संलिप्त आरोपियों का फायनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी किया जाएगा।
इसके तहत नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाकर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाएं आरोपियों तक कहां से पहुंचीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मुकेश पहले भी नारकोटिक्स एक्ट में गिरफ्तार हो चुका
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार लोनिया पहले भी एनडीपीएस/नारकोटिक्स एक्ट की धारा 21 और 22 के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इसके बावजूद उसके दोबारा नशीली दवाओं के कारोबार में संलिप्त पाए जाने से पुलिस अब मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
उग्रसेन लोनिया, पिता छेडूराम लोनिया, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम गुड़ी लोनियापारा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर।
मुकेश कुमार लोनिया, पिता उग्रसेन लोनिया, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम गुड़ी लोनियापारा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर।
परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा, पिता लक्ष्मी प्रसाद लोनिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम गुड़ी लोनियापारा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर।
जब्ती का पूरा ब्यौरा
प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट : 4750 नग
कुल वजन : 2495.64 ग्राम
अनुमानित कीमत : करीब 20 लाख रुपए
दस्तावेज/डॉक्टरी पर्चा : नहीं मिला
कार्रवाई : एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी), 29 के तहत
इन अधिकारियों-कर्मचारियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक राजेश मिश्रा, थाना प्रभारी सीपत; निरीक्षक गोपाल सतपथी, प्रभारी एसीसीयू बिलासपुर; उप निरीक्षक हेमंत आदित्य, शिव सिंह बक्साल; महिला आरक्षक शकुंतला साहू; आरक्षक आशीष राठौर, बीरेंद्र राजपूत, मुकेश शर्मा, रमेश यादव, महादेव कुजूर, धीरेंद्र सिंह तोमर और राकेश साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की है।

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