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पेपर लीक पर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी मोर्चा… ‘छात्रों की गूंज’ से माेदी सरकार और शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पेपर लीक माफिया से कथित संबंधों की जांच की उठी आवाज, 28 शहरों में 40 दिन का राष्ट्रीय अभियान

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छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर में आयोजित “छात्रों की गूंज” अभियान की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने देश के युवाओं का भरोसा तोड़ा है, जिसकी जवाबदेही केंद्र सरकार को लेनी होगी।
वहीं युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी भर्ती और जवाबदेही की मांग को लेकर कांग्रेस का आंदोलन पूरे देश में चलाया जाएगा।

नई दिल्ली/बिलासपुर, 25 जून 2026।
देशभर में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक और छात्र आंदोलन छेड़ दिया है। पार्टी ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को सीधे कटघरे में खड़ा किया।


कांग्रेस का दावा है कि यह केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि उन करोड़ों छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है, जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और कथित प्रशासनिक विफलताओं की भेंट चढ़ रही है।
NTA पर कांग्रेस का सबसे बड़ा हमला
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और सुधार के नाम पर बनाई गई NTA आज छात्रों के लिए “National Testing Agency” नहीं बल्कि “National Trauma Agency” बन चुकी है। पार्टी का दावा है कि पिछले वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन किसी बड़े नेटवर्क, कथित राजनीतिक संरक्षण या मुख्य सरगना तक जांच नहीं पहुंच सकी।
कांग्रेस के मुताबिक गिरफ्तारियां केवल निचले स्तर के बिचौलियों तक सीमित रहीं, जबकि असली मास्टरमाइंड बचते रहे।
NEET UG 2026 बना आंदोलन का केंद्र
पार्टी ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को देश की परीक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और करोड़ों परिवारों की उम्मीदें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।
कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही इस्तीफा दिया।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब छात्र सड़कों पर हैं, परीक्षाएं विवादों में हैं और युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, तब केंद्र सरकार की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पार्टी का कहना है कि युवाओं की पीड़ा सरकार की प्राथमिकताओं में दिखाई नहीं देती।
‘पेपर लीक अब दुर्घटना नहीं, राष्ट्रीय पैटर्न’
कांग्रेस ने दावा किया कि बीते एक दशक में पेपर लीक और परीक्षा घोटाले राष्ट्रीय स्तर का संकट बन चुके हैं। विभिन्न रिपोर्टों का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए, दर्जनों परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ीं और कई परीक्षाओं में दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी।
पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसमें वेंडर एजेंसियां, प्रिंटिंग सिस्टम, ट्रांसपोर्ट चैन, परीक्षा केंद्र, बिचौलिए और सॉल्वर गैंग जैसी कड़ियां बार-बार सामने आती रही हैं।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को बताया ‘रिजेक्शन सिस्टम’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा से शुरू किए गए अभियान को राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए पार्टी ने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था अवसर पैदा करने के बजाय युवाओं को अस्वीकृति की ओर धकेल रही है।
कांग्रेस ने दावा किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं और कोचिंग व्यवस्था का आर्थिक बोझ युवाओं और परिवारों पर लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत सीमित हैं।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
पेपर लीक मामलों और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद छोड़ें।
2. पेपर लीक नेटवर्क की निष्पक्ष जांच
कथित पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों और किसी भी राजनीतिक संरक्षण की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
3. परीक्षा और भर्ती व्यवस्था का पूर्ण ओवरहॉल
NTA, परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र सुरक्षा, डिजिटल सिस्टम, प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर नई प्रणाली लागू की जाए। साथ ही वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर तय कर समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं।
40 दिन तक चलेगा राष्ट्रीय अभियान
कांग्रेस ने बताया कि “छात्रों की गूंज” अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा।
30 जून से छात्र संपर्क, पर्चा वितरण और नुक्कड़ बैठकें।
जुलाई भर कैंपस अभियान और अंबेडकर संवाद।
1 अगस्त को देशभर में कलेक्टरेट घेराव।
9 अगस्त 2026 को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के साथ पहले चरण का समापन।
युवाओं को जोड़ने की तैयारी
कांग्रेस ने छात्रों और अभ्यर्थियों से अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए मिस्ड कॉल नंबर जारी किया है। पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन किसी दल का नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य, निष्पक्ष परीक्षाओं और रोजगार के अधिकार की लड़ाई है।

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बड़ी तस्वीर
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस अब सीधे युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू किया गया यह अभियान आने वाले महीनों में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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