तेज बारिश और बिजली गुल होने का उठाया फायदा, बैरक की खिड़की उखाड़ी, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार देर रात 11 नाबालिग लड़कों के फरार होने से हड़कंप मच गया। फरार हुए सभी किशोर हत्या, दुष्कर्म, लूट और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में निरुद्ध बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खराब मौसम, तेज बारिश और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति का फायदा उठाकर नाबालिगों ने बैरक की एक खिड़की उखाड़ दी और वहां से निकलकर संप्रेक्षण गृह की दीवार फांदकर फरार हो गए।
घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। फरार नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और आसपास के जिलों समेत सीमावर्ती क्षेत्रों को भी अलर्ट किया गया है।
कैसे हुई फरारी?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि देर रात क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। अंधेरे और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का फायदा उठाकर कुछ नाबालिगों ने बैरक की खिड़की को उखाड़ना शुरू किया। खिड़की पूरी तरह निकल जाने के बाद एक-एक कर सभी 11 किशोर बाहर निकल गए।
बताया जा रहा है कि खिड़की से बाहर निकलने के बाद उन्होंने संप्रेक्षण गृह की परिधि दीवार पार की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मेन गेट पर तैनात थे दो सुरक्षाकर्मी, फिर भी नहीं लगी भनक
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि संप्रेक्षण गृह के मुख्य प्रवेश द्वार पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद 11 नाबालिगों के फरार होने की भनक तक सुरक्षा कर्मियों को नहीं लगी।
यही कारण है कि अब सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि कहीं सुरक्षा में लापरवाही या किसी स्तर पर चूक तो नहीं हुई।
गंभीर अपराधों में निरुद्ध थे नाबालिग
जानकारी के अनुसार फरार हुए किशोर सामान्य मामलों में नहीं बल्कि हत्या, दुष्कर्म, लूट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह में रखे गए थे। ऐसे में उनकी फरारी को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
पुलिस अब प्रत्येक फरार नाबालिग का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालते हुए उनके परिजनों, परिचितों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
पूरे जिले में अलर्ट, पुलिस की कई टीमें मैदान में
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों को फरार नाबालिगों की जानकारी भेजी गई है।
पुलिस का मानना है कि अधिकांश किशोर अपने परिचितों या गृह जिलों की ओर जाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आधार पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
जांच के घेरे में सुरक्षा तंत्र
घटना के बाद प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि:
बैरक की खिड़की इतनी आसानी से कैसे उखड़ गई?
क्या खिड़की और भवन संरचना पहले से कमजोर थी?
बिजली गुल होने पर वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय थी या नहीं?
ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने निगरानी में कोई लापरवाही तो नहीं बरती?
क्या फरारी पूर्व नियोजित थी?
बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा पर उठे सवाल
11 नाबालिगों का एक साथ फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न माना जा रहा है। बाल संप्रेक्षण गृह ऐसे किशोरों के लिए बनाए जाते हैं जो कानून के साथ संघर्ष की स्थिति में हों और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान निगरानी में रखे जाते हों। ऐसे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नाबालिगों का भाग निकलना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
फिलहाल स्थिति
फरार नाबालिगों की संख्या: 11
स्थान: बाल संप्रेक्षण गृह, अंबिकापुर
थाना क्षेत्र: गांधीनगर
आरोप: हत्या, रेप, लूट समेत अन्य गंभीर अपराध
फरारी का तरीका: खिड़की उखाड़कर और दीवार फांदकर
कार्रवाई: पुलिस की विशेष टीमें तलाश में जुटीं
जांच: सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी स्टाफ की भूमिका की पड़ताल जारी



