



पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से की मुलाकात, संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीति पर हुई चर्चा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के बिलासपुर आगमन ने कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मंगलवार को उनके प्रवास के दौरान कांग्रेस संगठन की गतिविधियों, आगामी राजनीतिक चुनौतियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर अहम चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस बैठक में पार्टी के चुनिंदा नेता और भरोसेमंद समर्थक ही प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
भूपेश बघेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से भेंट-मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनसरोकार के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ रणनीति तैयार करने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने वालों में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, योग आयोग के पूर्व सदस्य एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह, प्रमोद नायक, सुमित सहित कई वरिष्ठ एवं सक्रिय कांग्रेसी नेता शामिल रहे।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सामान्य संगठनात्मक बैठक से अधिक महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस को फिर से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से भूपेश बघेल लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। बिलासपुर में हुई यह बैठक भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।
बैठक के दौरान नेताओं ने जिले की राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता और जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। वहीं बघेल ने कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
राजनीतिक मायने:
भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी तेवरों को धार देने की तैयारी के बीच भूपेश बघेल का यह दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है। चुनिंदा नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत भी दिया है कि पार्टी संगठन आगामी राजनीतिक समीकरणों और रणनीतियों को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।



