
बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि योग आज केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
रविंद्र सिंह ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर और मन दोनों में संतुलन बना रहता है। योग सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और दिनचर्या को व्यवस्थित रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए तन और मन को शुद्ध तथा सशक्त बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तनाव, अनियमित खान-पान और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण लोगों के सामने कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे दौर में योग, ध्यान और खेलकूद के माध्यम से स्वयं को स्वस्थ और संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
रविंद्र सिंह ने कहा कि योग अनेक रोगों से बचाव का सशक्त माध्यम है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह योग का प्रचार-प्रसार करे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि योग उद्यानों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, मंदिरों और धर्मशालाओं सहित हर क्षेत्र में नियमित रूप से योग गतिविधियों का आयोजन होना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को योग से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को नशे और तनाव जैसी समस्याओं से दूर रखने के लिए नियमित योगाभ्यास बेहद जरूरी है। योग न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि आत्मविश्वास, एकाग्रता और मानसिक मजबूती भी प्रदान करता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो स्वस्थ समाज, स्वस्थ प्रदेश और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का सपना साकार किया जा सकता है।



