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उड़ीसा से आकर बिलासपुर में लूट की स्क्रिप्ट लिख रहे थे बदमाश, 6 गिरफ्तार; महिलाओं को बनाते थे निशाना

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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चैन स्नैचिंग और लूट की तीन वारदातों का खुलासा, स्थानीय युवक के घर ठहरकर देते थे घटनाओं को अंजाम; गिरोह के 3 सदस्य अब भी फरार
बिलासपुर। महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर फरार होने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। उड़ीसा से आकर बिलासपुर में डेरा जमाने वाले इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी स्थानीय सहयोगी के घर में ठहरकर शहर में महिलाओं की रेकी करते थे और मौका मिलते ही चैन स्नैचिंग एवं लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह ने थाना तोरवा और सिरगिट्टी क्षेत्र में कम से कम तीन महिलाओं को निशाना बनाया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी जब्त की है, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

एसएसपी की बदमाशों को कड़ी चेतावनी..


पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई, जब थाना तोरवा क्षेत्र के शिवधाम कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि सुबह करीब छह बजे घर के बाहर साफ-सफाई करते समय स्कूटी सवार तीन युवकों ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया।
सीसीटीवी में दिखी बिना नंबर की स्कूटी, यहीं से खुला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को बिना नंबर की नीले रंग की स्कूटी में घूमते संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इसी बीच थाना सिरगिट्टी क्षेत्र में भी एक महिला के साथ मारपीट कर सोने की चेन लूटने की घटना सामने आई। दोनों मामलों के सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के हुलिए और घटनाओं के तरीके का मिलान किया गया।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दोनों क्षेत्रों में हुई घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
स्थानीय युवक बना गिरोह की कड़ी
जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गणेश नगर सिरगिट्टी में दबिश देकर नवीन साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
पुलिस के मुताबिक नवीन साहू ने स्वीकार किया कि उसने उड़ीसा के अपने साथियों को बिलासपुर बुलाकर अपने घर में ठहराया था। इसके बाद सभी मिलकर शहर में चैन स्नैचिंग और लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
नवीन से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
महिलाओं की रेकी कर बनाते थे शिकार
पूछताछ में आरोपियों ने थाना तोरवा और सिरगिट्टी क्षेत्र में तीन वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाता था। आरोपी सुनसान स्थानों या घर के बाहर अकेली मौजूद महिलाओं पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही चेन झपटकर फरार हो जाते थे।
कुछ मामलों में विरोध करने पर मारपीट भी की गई। पुलिस के अनुसार गिरोह संगठित तरीके से काम करता था और वारदात के बाद तत्काल क्षेत्र छोड़ देता था।
कई राज्यों में सक्रिय होने की आशंका
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी उड़ीसा से विभिन्न राज्यों में जाकर स्थानीय व्यक्तियों के सहयोग से चैन स्नैचिंग, झपटमारी और लूट की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। गिरोह के काम करने का तरीका संगठित अपराध की श्रेणी में पाया गया।
इसी आधार पर पुलिस ने मामले में संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के बसंती कॉलोनी निवासी शिव सिंह (28), गंगाधर नगर निवासी शक्ति प्रसाद (20), रायभोगा निवासी प्रमोद सिंह (30), उदितपुर क्षेत्र के सिगमेड़ा निवासी अतुल मुंडा (18), संबलपुर निवासी बसंता खड़िया (20) तथा बिलासपुर के गणेश नगर निवासी नवीन साहू (32) शामिल हैं।
बिना नंबर की स्कूटी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की सफेद रंग की स्कूटी जब्त की है। इसी वाहन का उपयोग कर आरोपी वारदातों को अंजाम देते थे।

तीन वारदातें, एक गिरोह; सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना और तकनीकी विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। फुटेज में दिखाई देने वाली स्कूटी, आरोपियों की गतिविधियां और उनके मूवमेंट का विश्लेषण कर गिरोह की पहचान की गई। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था और स्थानीय स्तर पर उसे सहयोग भी मिल रहा था।

गिरोह के तीन सदस्य अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिली है। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के बाद गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

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