

इंटर्न से लेकर सुपरस्पेशलिटी रेजिडेंट तक के मुद्दे उठे, छात्रवृत्ति, मानदेय और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के युवा चिकित्सकों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य स्तर पर अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल इंटर्न्स, स्नातकोत्तर (पीजी) रेजिडेंट्स, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट्स एवं चिकित्सा अधिकारियों, संविदा चिकित्सकों, सीनियर रेजिडेंट्स तथा सुपरस्पेशलिटी रेजिडेंट्स से संबंधित मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू एवं बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में युवा चिकित्सकों के लिए छात्रवृत्ति, मानदेय, सेवा शर्तों और कार्यस्थल की परिस्थितियों में सुधार की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन का कहना है कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले युवा डॉक्टर लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुधार की मांग
JDA छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर प्रसाद जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के युवा चिकित्सकों की छात्रवृत्ति, मानदेय और सेवा शर्तों में राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप सुधार समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंटर्न्स, पीजी रेजिडेंट्स, बॉन्डेड डॉक्टरों, संविदा चिकित्सकों तथा अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों को उनकी जिम्मेदारियों और कार्यभार के अनुरूप उचित आर्थिक एवं प्रशासनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा चिकित्सकों को बेहतर मानदेय, स्पष्ट सेवा शर्तें और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, ताकि वे पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकें। डॉ. जायसवाल ने कहा कि JDA छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी युवा चिकित्सकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है और उनकी जायज मांगों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से सरकार के समक्ष मजबूती से रखता रहेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा
JDA CIMS बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र साहू ने कहा कि प्रदेश का चिकित्सक वर्ग लंबे समय से विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और असमानताओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से केवल युवा चिकित्सकों का मनोबल ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दक्षता और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों के डॉक्टरों के लिए समान और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है, जिससे उन्हें अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
किन वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाए गए
ज्ञापन के माध्यम से जिन वर्गों से संबंधित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया, उनमें शामिल हैं—
मेडिकल इंटर्न्स
पीजी रेजिडेंट्स
बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट्स
चिकित्सा अधिकारी
संविदा चिकित्सक
सीनियर रेजिडेंट्स
सुपरस्पेशलिटी रेजिडेंट्स
संगठन का कहना है कि इन सभी वर्गों की अलग-अलग प्रशासनिक, आर्थिक और सेवा संबंधी चुनौतियां हैं, जिनके समाधान के लिए समग्र नीति आधारित पहल आवश्यक है।
सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार प्रदेश के युवा चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कदम उठाएगी। संगठन ने उम्मीद जताई है कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने युवा चिकित्सकों की समस्याओं को विस्तार से रखा और कहा कि चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों के हितों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है जितना स्वास्थ्य अधोसंरचना का विकास।



