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सिकल सेल के खिलाफ सिम्स की बड़ी तैयारी: जल्द शुरू होगी HPLC मशीन से जांच, एक साल में 19,706 टेस्ट; 3441 मरीज मिले पॉजिटिव

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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विश्व सिकल सेल दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, डीन बोले- सटीक और तेज जांच से मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार
बिलासपुर। सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने घोषणा की कि संस्थान में जल्द ही अत्याधुनिक एचपीएलसी (High Performance Liquid Chromatography-HPLC) मशीन के माध्यम से सिकल सेल की जांच शुरू की जाएगी। इससे मरीजों को कम समय में अधिक सटीक और वैज्ञानिक रिपोर्ट मिल सकेगी।
बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना, समय पर जांच के महत्व को बताना और बीमारी के नियंत्रण की दिशा में चल रहे प्रयासों को साझा करना था।

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सिकल सेल उन्मूलन पर जोर, आधुनिक तकनीक से मिलेगी राहत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिकल सेल एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी समय रहते पहचान और उचित उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिम्स में एचपीएलसी मशीन की सुविधा शुरू होने के बाद जांच प्रक्रिया और अधिक उन्नत हो जाएगी। इससे मरीजों को विश्वसनीय और प्रमाणिक रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी, जिससे उपचार शुरू करने में आसानी होगी।
उन्होंने बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए जागरूकता और स्क्रीनिंग दोनों आवश्यक हैं।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध: चिकित्सा अधीक्षक
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों को दवा, परामर्श और जांच संबंधी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हों, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बायोकेमिस्ट्री विभाग, जूनियर डॉक्टरों और चिकित्सा विद्यार्थियों की सराहना की।
एक साल में 19,706 जांच, 3441 मरीज पॉजिटिव
कार्यक्रम के दौरान बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष साहू ने विभाग की उपलब्धियों और आंकड़ों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग में पिछले एक वर्ष के दौरान 19,706 सिकल सेल संबंधी जांचें की गईं, जिनमें 3441 मरीज पॉजिटिव पाए गए। यह कुल जांचों का लगभग 20 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि विभाग में प्रतिदिन 80 से 90 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से रोजाना 40 से 50 लोगों की जांच की जाती है तथा लगभग उतने ही मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
डॉ. साहू ने कहा कि सिम्स में सिकल सेल मरीजों के लिए विशेष काउंसलर, समर्पित लैब, प्रशिक्षित स्टाफ और पीजी छात्र-छात्राओं की टीम कार्यरत है, जो मरीजों की देखभाल और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
‘शादी से पहले ब्लड टेस्ट कराएं’ का संदेश लेकर निकली जागरूकता रैली


विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष तथा नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने संस्थान परिसर में जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान छात्रों ने लोगों को सिकल सेल की जांच के लिए प्रेरित किया।
रैली में छात्रों ने “पीढ़ी को सिकल मुक्त बनाएं, शादी से पहले ब्लड टेस्ट जरूर कराएं” जैसे संदेशों के माध्यम से बीमारी की रोकथाम और स्क्रीनिंग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
मरीजों और परिजनों को दी गई बीमारी संबंधी जानकारी
कार्यक्रम के अंतर्गत गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए विशेष परामर्श सत्र आयोजित किया। इस दौरान उन्हें सिकल सेल बीमारी से जुड़े भ्रम, सावधानियों और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मरीजों को वितरित किए फल और खाद्य सामग्री
कार्यक्रम के समापन पर बायोकेमिस्ट्री विभाग की ओर से मरीजों को केला, बिस्किट और पेयजल वितरित किया गया। साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में बायोकेमिस्ट्री विभाग के चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, पीजी छात्र-छात्राएं, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में विभाग एवं संस्थान प्रबंधन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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