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2017 से अटका स्टेडियम, 2026 में फूटा गुस्सा… बहतराई खेल केंद्र में सुस्ती पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बड़ा एक्शन, 15 दिन की मोहलत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। खिलाड़ियों के लिए तैयार किए जा रहे खेल ढांचे की बदहाल स्थिति और वर्षों से लटके निर्माण कार्यों पर बुधवार को उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव का गुस्सा खुलकर सामने आया। बहतराई स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। स्पष्ट शब्दों में कहा कि खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा सवाल उस मैपलवुड फ्लोरिंग पर उठा, जिसका कार्यादेश वर्ष 2017 में जारी हुआ था, लेकिन नौ साल बाद भी काम अधूरा पड़ा है। इस पर उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और उप अभियंता के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया।
खिलाड़ियों के नाम पर करोड़ों खर्च, लेकिन सुविधाएं अब भी अधूरी
बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान, एचवीएसी सिस्टम और आउटडोर स्टेडियम के विभिन्न कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद हॉस्टल के रखरखाव और मरम्मत कार्य समय पर क्यों नहीं हो रहे हैं। संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी कार्यों में देरी को उन्होंने अस्वीकार्य बताया।
“प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय, फिर भी इतनी धीमी रफ्तार क्यों?”
निरीक्षण के दौरान अरुण साव ने कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है। यहां खिलाड़ियों के लिए बनाए जा रहे खेल अधोसंरचना कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता और अन्य अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर लंबित परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने तथा 15 दिनों के भीतर उप मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया। यह जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता बी.बी.एस. गौतम को सौंपी गई।
एचवीएसी सिस्टम पर भी सख्ती, पहले निरीक्षण फिर प्राक्कलन
इंडोर स्टेडियम में एचवीएसी कार्य के लिए अतिरिक्त राशि की मांग पर भी उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिरिक्त प्राक्कलन तैयार करने से पहले स्थल का भौतिक निरीक्षण किया जाए। साथ ही एचवीएसी कार्य को तेजी से पूरा करने और डक्टिंग की संपूर्ण सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
जुलाई तक पूरा होगा दो करोड़ का तीरंदाजी मैदान
एसईसीएल द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए अरुण साव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक ए. एक्का को आगामी जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा आउटडोर स्टेडियम में लगी हाईमास्ट लाइट की खराब स्थिति पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल मरम्मत कराने के आदेश दिए।
कबड्डी मैदान की फाइल मंत्रालय तक पहुंचाने के निर्देश
निर्माणाधीन कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति लंबित होने पर उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को स्वयं प्रमुख अभियंता कार्यालय जाकर तथ्य प्रस्तुत करने तथा मंत्रालय स्तर पर समन्वय कर जल्द स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग संयुक्त रूप से पूरे स्टेडियम परिसर का निरीक्षण कर अतिरिक्त आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव तैयार करें।
हॉकी स्टेडियम में दर्शकों के लिए भी बढ़ेंगी सुविधाएं
हॉकी मैदान में निर्माणाधीन पैवेलियन का निरीक्षण करते हुए अरुण साव ने केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी पर्याप्त संख्या में शौचालय निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विकास में खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों की मूलभूत जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल केंद्र बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र को राज्य के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण देने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अब कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद
औचक निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित खेल एवं लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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