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  कोटा हत्याकांड में नया मोड़: जिम से लौट रहे लॉ स्टूडेंट की पत्थर से कुचलकर हत्या, भाई ने खोले साजिश के कई राज; एसआईटी जांच और फांसी की मांग 

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। कोटा में विधि छात्र निखिल भारती गोस्वामी की सनसनीखेज हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के बड़े भाई और अधिवक्ता लेख भारती गोस्वामी ने पुलिस अधीक्षक को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर दावा किया है कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि पूर्व नियोजित, सुनियोजित और जघन्य आपराधिक साजिश का परिणाम है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने, आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को विवेचना में शामिल करने तथा अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाने की मांग की है।


ज्ञापन के अनुसार 4 जून 2026 की रात निखिल भारती गोस्वामी रोज की तरह जिम से लौट रहे थे। इसी दौरान कोटा शहर में सीवी रमन कॉलेज के पीछे स्थित एक खाली प्लॉट के पास उन पर हमला किया गया। परिजनों का आरोप है कि हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और किसी व्यक्ति द्वारा लगातार निखिल की गतिविधियों की रेकी कर उनकी लोकेशन अपराधियों तक पहुंचाई जा रही थी।
पहले आंखों में झोंका मिर्च पाउडर, फिर पत्थरों से कूच डाला
परिजनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि हमलावरों ने पहले निखिल की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका ताकि वह पूरी तरह असहाय हो जाएं। इसके बाद सिर पर भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए गए। हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि वारदात का तरीका साफ संकेत देता है कि आरोपियों का मकसद केवल हमला करना नहीं बल्कि हर हाल में हत्या करना था। यही वजह है कि अपराध को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी और रेकी की गई।
भाई का आरोप- यह अचानक हुआ विवाद नहीं, सुनियोजित मर्डर
मृतक के बड़े भाई लेख भारती गोस्वामी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि हत्या को किसी तात्कालिक विवाद या अचानक उपजे आक्रोश का परिणाम बताना वास्तविक तथ्यों से ध्यान भटकाने जैसा होगा। उनके अनुसार घटनाक्रम दर्शाता है कि पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत अंजाम दी गई।
एसआईटी गठन और आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की जांच केवल सामान्य विवेचना तक सीमित न रहे बल्कि विशेष जांच दल गठित कर हर तकनीकी पहलू की जांच की जाए। साथ ही गिरफ्तार या संदिग्ध आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास, कॉल डिटेल, लोकेशन और संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाए।
सोशल मीडिया ट्रायल पर भी उठाए सवाल
परिजनों ने ज्ञापन में यह भी कहा है कि मामले को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों में विभिन्न प्रकार की टिप्पणियां और कथित निष्कर्ष प्रसारित किए जा रहे हैं, जो जांच को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने ऐसी गतिविधियों पर विधिक नियंत्रण लगाने की मांग भी की है।
न्याय नहीं, कठोरतम सजा चाहते हैं परिजन
निखिल गोस्वामी हत्याकांड ने पूरे कोटा क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिजनों का कहना है कि वे केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि ऐसी विवेचना चाहते हैं जिससे अदालत में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत हो सके और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिले। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

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