00 35 लाख रुपए से अधिक के जेवर हुए बरामद
रायपुर: बिलासपुर और मुंगेली के लड़कों ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर लाल गैती गैंग बनाया फिर इस गैंग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया। आतंक मचाने वाले ‘गैंती गैंग’ का पर्दाफाश कर रायपुर पुलिस नेपुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। यह गैंग दीवारों और दरवाजा में सेंध लगाकर घरों में चोरी की वारदातों को दिया अंजाम। पुलिस ने गैंग के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनसे 35 लाख रुपए के ज़ेवर समेत कीमती सामान बरामद किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गैंग ने अब तक 25 से अधिक चोरियां की हैं। गैंग मुख्य रूप से कम आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाता था। यह गैंग गैंग उन घरों को चुनता था, जहां परिवार बाहर गए होते थे। चोरियों के बाद वे गहनों को औने-पौने दामों में बेच देते थे। इनकी कार्यशैली इतनी संगठित थी कि कई बार फाइनेंस कंपनियां और ज्वेलर्स भी चोरी का माल खरीद लेते थे।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बाजार में बहुत सस्ते में सोने के गहने बेचने की कोशिश कर रहे हैं। एक संदिग्ध व्यक्ति के पास लाल गैंती देखकर पुलिस को शक हुआ। जब उससे पूछताछ की गई, तो गैंती गैंग का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो चोरी के कई मामलों का खुलासा हुआ।
चोरी का तरीका
गिरोह के सदस्य दिन में इलाके की रेकी करते थे और रात में वारदात को अंजाम देते थे। वे घरों में घुसने के लिए दीवारों और दरवाजों को गैंती से तोड़ते थे। पुलिस ने उनके पास से कई गैंती और अन्य औजार बरामद किए हैं।
फाइनेंस कंपनियों की मिलीभगत
गैंती गैंग की गिरफ्तारी के बाद यह भी सामने आया है कि चोरी का सामान खरीदने में कुछ स्थानीय फाइनेंस कंपनियों और ज्वेलर्स की भी भूमिका थी। ये लोग चोरी का माल सस्ते दामों पर खरीदकर बाद में ऊंचे दामों पर बेच देते थे। पुलिस ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
आरोपियों के नाम
- सृजन शर्मा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सरकंडा खमतराई बिलासपुर।
- उमेश उपाध्याय, उम्र 26 वर्ष, निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली।
- सफीक मोहम्मद उम्र 25 वर्ष, निवासी कालीमाई वार्ड हर्रीपारा जिला मुंगेली।
प्रकरण में संलिप्त माल खपाने वाले सह-आरोपी
- हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविंदा 18 साल, निवासी विनोबा भावे नगर जैतखाम थाना मुंगेली बिलासपुर।
- मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी उम्र 40 साल, निवासी बशीर खान वार्ड पंडरिया ।
मेवा लाल कश्यप उम्र 45 साल, निवासी कपसिया कला बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ में चोरी की बढ़ती घटनाएं
छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में चोरी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, और बिलासपुर जैसे शहरों में चोरी की वारदातें आम हो गई हैं। खासकर, कम आबादी वाले इलाकों और नई विकसित कॉलोनियों में चोरी की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
1 साल में 500 से अधिक चोरी
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में प्रदेश में 500 से अधिक चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से लगभग 60% मामलों में गिरोहों का हाथ पाया गया है। कई गैंग योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं और चोरी का माल सस्ते में बेचकर फरार हो जाते हैं।
कारण:
चोरों के लिए सबसे आसान निशाना वे घर होते हैं, जो लंबे समय तक खाली रहते हैं या जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर चोरी का सामान खरीदने वाले ज्वेलर्स और फाइनेंस कंपनियां भी इन गिरोहों को बढ़ावा दे रही हैं।
पुलिस की क्या है ररणनीति
पुलिस ने चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। सीसीटीवी कैमरों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जनता से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
जनता के लिए सुझाव:
अपने घरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।
पड़ोसियों से संपर्क बनाए रखें।
कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।



