


कोटा-तखतपुर-मस्तूरी में घटिया निर्माण की गूंज के बीच नेहरू चौक से दर्रीघाट फोरलेन भी निशाने पर, डिवाइडर से लेकर धीमी रफ्तार तक पर उठ रहे सवाल
बिलासपुर। जिले में सड़क निर्माण को लेकर उठ रहे सवाल अब राजधानी रायपुर तक पहुंच चुके हैं। कोटा, तखतपुर और मस्तूरी क्षेत्र में सड़कों के घटिया निर्माण और गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद अब शहर के सबसे चर्चित नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे फोरलेन प्रोजेक्ट पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के दावों के बीच निर्माण की गुणवत्ता, डिवाइडर डिजाइन और काम की धीमी रफ्तार को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
इसी बीच गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल का बिलासपुर पहुंचना कई मायनों में अहम माना जा रहा है। सचिव ने सीधे मौके पर पहुंचकर नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे लगभग 10 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण का निरीक्षण किया। उनके दौरे ने विभागीय अमले और निर्माण एजेंसियों में हलचल बढ़ा दी।
सचिव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई, वहीं शहर में पहले से उठ रहे सवालों की भी गूंज महसूस की गई।
बिलासपुर में इन दिनों सड़क निर्माण को लेकर आम लोगों के बीच लगातार नाराजगी देखी जा रही है। कई जगहों पर निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क की परत उखड़ने, किनारों के धंसने और अधूरे काम की शिकायतें सामने आई हैं। कोटा, तखतपुर और मस्तूरी क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। अब शहर के भीतर बन रही फोरलेन सड़क में डिवाइडर निर्माण और फिनिशिंग क्वालिटी को लेकर भी चर्चा तेज है।
स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं तो फिर निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी क्यों है। लंबे समय से चल रहे काम के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं कई हिस्सों में धूल, अधूरा निर्माण और अव्यवस्थित बैरिकेडिंग से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निरीक्षण के बाद विभागीय अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारियों को हर प्रोजेक्ट की अलग समय-सीमा तय कर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि निविदा स्वीकृत होने के एक महीने के भीतर हर हाल में काम शुरू होना चाहिए और रोजाना मॉनिटरिंग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए।
बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों के ओआईसी विश्राम भवन सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर भी जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने नेहरू चौक-दर्रीघाट सड़क को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर की दीवारों और ग्रिल्स के रंग-रोगन कराने की बात भी कही।
सड़कों पर सबसे ज्यादा सवाल कहां?
- कोटा क्षेत्र में निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें
- तखतपुर में सड़क उखड़ने और अधूरे काम पर नाराजगी
- मस्तूरी में निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
- नेहरू चौक-दर्रीघाट फोरलेन में डिवाइडर डिजाइन और धीमी गति चर्चा में
सचिव के दौरे से क्यों बढ़ी चर्चा?
- सार्वजनिक अवकाश के दिन निरीक्षण
- सीधे मौके पर पहुंचकर निर्माण देखा
- अधिकारियों और ठेकेदारों की अलग बैठक
- गुणवत्ता और समय-सीमा पर सख्त निर्देश
- लंबित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तलब
जिन परियोजनाओं की हुई समीक्षा
- नेहरू चौक से दर्रीघाट फोरलेन सड़क
- कोनी-मोपका बायपास
- जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज
- जयरामनगर-सीपत रोड बायपास
- हाईकोर्ट ऑडिटोरियम
- नया जेल भवन
- बोदरी विश्राम भवन
- राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं

