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बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री पिटे, आरोपी गायब! एक महीने बाद भी खाली हाथ पुलिस, संगठन में उठने लगे सवाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। शहर के चर्चित अमिगोज बार एंड पब में देर रात हुए विवाद के बाद बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री और IMPL अध्यक्ष तौसीफ खान की हुई पिटाई का मामला अब राजनीतिक और संगठनात्मक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। घटना को एक महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन तारबहार पुलिस अब तक मारपीट के आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। इसको लेकर पुलिस की कार्रवाई, राजनीतिक दबाव और अंदरूनी समझौते तक की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मामला लिंक रोड स्थित अमिगोज बार एंड पब से जुड़ा है, जहां देर रात शराब देने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि नाजिम खान, सज्जान बुखारी और सम्मान खान ने मिलकर तौसीफ खान की जमकर पिटाई कर दी थी। एफआईआर के मुताबिक घटना रात करीब एक बजे पब की पार्किंग में हुई। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों युवकों ने तौसीफ खान को बेरहमी से पीट दिया। मारपीट में घायल होने के बाद तौसीफ खान ने तारबहार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया, लेकिन एक महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर सत्ता पक्ष से जुड़े एक पदाधिकारी के साथ इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई धीमी क्यों है। वहीं विपक्षी दल से जुड़े बताए जा रहे आरोपियों तक पुलिस का नहीं पहुंच पाना भी सवालों के घेरे में है।

घटना के बाद से अमिगोज बार एंड पब और वहां देर रात शराब बिक्री को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। शहर में यह बात खुलकर कही जा रही है कि शटर बंद होने के बाद भी बार एंड पब में शराब परोसी जाती रही, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की नजरें इस ओर कभी नहीं गईं। देर रात शराब बिक्री और उसके बाद हुए विवाद ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चित बना दिया है।

इधर, बीजेपी संगठन के भीतर भी इस मामले को लेकर खुसुर-फुसुर शुरू हो गई है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संगठन के कई जमीनी कार्यकर्ता इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि शराब कारोबार से जुड़े लोगों को संगठन में महत्व क्यों दिया जा रहा है। अंदरखाने यह चर्चा भी है कि तौसीफ खान को संगठन में शामिल किए जाने से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। कुछ कार्यकर्ता इसे “नाम बड़े और दर्शन छोटे” वाली स्थिति बता रहे हैं और कह रहे हैं कि राजनीतिक पहचान दिखाने की कोशिश में मामला उल्टा पड़ गया।

मामले को लेकर समझौते की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि मारपीट के आरोपियों में से दो युवक शहर में खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं, जबकि पुलिस लगातार उनकी तलाश करने की बात कह रही है। दूसरी ओर, यह भी कहा जा रहा है कि अंदरखाने दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर केवल आरोपियों की तलाश जारी होने की बात कही जा रही है।

घटना के बाद से तौसीफ Khan लगातार चर्चा में हैं। संगठन से लेकर शहर के राजनीतिक गलियारों तक यही सवाल गूंज रहा है कि आखिर बीजेपी के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी के साथ हुई इस घटना में अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाई। वहीं पुलिस की सुस्ती और आरोपियों की खुलेआम मौजूदगी को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।

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