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यह क्या हो गया….सीएम के दौरे से पहले बिलासपुर में ‘कोयला सिंडिकेट’ पर सबसे बड़ा शिकंजा… डिपो से लेकर हाइवा तक छापे, कोल माफिया, मिलावट और अवैध उत्खनन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित बिलासपुर दौरे से ठीक पहले जिले में कोयला कारोबार, अवैध उत्खनन और डिपो में चल रहे कथित खेल पर प्रशासन और पुलिस ने एक साथ बड़ा एक्शन लिया है। हिर्री थाना क्षेत्र में हाई क्वालिटी कोयले की कथित हेराफेरी का खुलासा होने के बाद जहां कोल डिपो मालिक, वाहन मालिक और ट्रेलर चालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वहीं दूसरी ओर कलेक्टर और एसपी ने जिले भर के कोल डिपो संचालकों की आपात बैठक लेकर साफ चेतावनी दी कि कोयले की मिलावट, चोरी और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी बीच खनिज विभाग ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर 23 वाहन जब्त कर अवैध उत्खनन नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है।
पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बिलासपुर में कोयला कारोबार, ट्रांसपोर्टिंग और डिपो संचालन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब जिले में कोयला कारोबार को लेकर हलचल तेज हो गई है।
CASE HISTORY – 01
“ऊपर से हाई क्वालिटी… अंदर से मिलावटी खेल” : पेण्ड्रीडीह डिपो से खुला कोयला हेराफेरी का कथित रैकेट
हिर्री थाना क्षेत्र के पेण्ड्रीडीह डिपो में कथित रूप से बड़े स्तर पर कोयले की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक एसईसीएल की खदान से निकले हाई ग्रेड कोयले को रास्ते में बदलकर कम गुणवत्ता वाला कोयला उद्योगों तक भेजा जा रहा था।
मामले में पेण्ड्रा निवासी आशीष केशरी ने शिकायत दर्ज कराई कि वह कोल ट्रांसपोर्ट और लिफ्टिंग का काम करता है। उसके अनुसार अमेरा विश्रामपुर क्षेत्र की खदान से तीन ट्रेलरों में जी-6 श्रेणी का उच्च गुणवत्ता वाला कोयला गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड सिलतरा के लिए भेजा गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि रास्ते में पेण्ड्रीडीह चौक के पास वाहन मालिक गंगा प्रसाद साहू और अन्य लोगों ने ट्रेलरों को रोककर कोल डिपो मालिक नरेश अग्रवाल के डिपो में पहुंचाया। वहां प्रत्येक ट्रेलर से करीब पांच-पांच टन हाई क्वालिटी कोयला उतारा गया और उसकी जगह 4700 जीसीवी वाला निम्न गुणवत्ता का कोयला भर दिया गया।
इसके बाद वही ट्रेलर सिलतरा स्थित उद्योग तक भेज दिए गए।
पांच आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिर्री पुलिस ने अपराध क्रमांक 123/2026 के तहत धारा 316(3), 317(4), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया। एसएसपी रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और सीएसपी डीआर टंडन के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर मिश्रा ने टीम गठित कर जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा, गवाहों के बयान और कोयले के सैंपल परीक्षण की कार्रवाई की। जांच के बाद डिपो मालिक नरेश अग्रवाल, वाहन मालिक गंगा प्रसाद साहू और ट्रेलर चालक फिरोज अंसारी, निसार अंसारी और इमरान अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
नरेश अग्रवाल, निवासी रामावैली चकरभाठा
गंगा प्रसाद साहू, निवासी पकरिया मुंगेली, वर्तमान चकरभाठा
फिरोज अंसारी, निवासी गढ़वा झारखंड
निसार अंसारी, निवासी गढ़वा झारखंड
इमरान अंसारी, निवासी गढ़वा झारखंड
जांच में निम्न गुणवत्ता के कोयले के सैंपल लिए गए
पुलिस ने डिपो से मिले कथित अमानक कोयले के सैंपल जब्त कर परीक्षण के लिए भेजे हैं। पूरे मामले में कोयले की गुणवत्ता, परिवहन चैन और डिपो संचालन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CASE HISTORY – 02
“कोल डिपो में मिलावट मिली तो सीधे FIR” : कलेक्टर-एसपी की सख्त चेतावनी
कोयला डिपो में कथित गड़बड़ियों और मिलावट के खुलासे के बाद सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिलेभर के कोल डिपो संचालकों की बड़ी बैठक बुलाई गई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि कोयले की गुणवत्ता से समझौता, चोरी, तस्करी और अवैध भंडारण पर अब सीधे कठोर कार्रवाई होगी।
“जिस गुणवत्ता का कोयला निकले, वही उद्योग तक पहुंचे”
कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश में 130 से अधिक स्पंज आयरन प्लांट संचालित हैं जिन्हें एसईसीएल से कोयला सप्लाई होता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि खदान से निकला कोयला बिना मिलावट उसी गुणवत्ता में उद्योगों तक पहुंचे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ डिपो में उच्च गुणवत्ता के कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला और शेल मिलाकर सप्लाई करने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे उद्योगों के उत्पादन और गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
CCTV, GPS और पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य
एसएसपी रजनेश सिंह ने डिपो संचालकों को निर्देश दिए कि सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे, वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग और आवक-जावक का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए।
डिपो में कार्यरत मैनेजर, मुंशी और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराने कहा गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नियम उल्लंघन मिलने पर खनिज अधिनियम और आपराधिक प्रकरण दोनों के तहत कार्रवाई होगी।
पर्यावरण पर भी फोकस
बैठक में कोयला भंडारण स्थलों पर वृक्षारोपण, दूषित पानी की निकासी रोकने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, उप संचालक खनिज किशोर गोलघाटे, खनि अधिकारी, सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक और कोल डिपो संचालक मौजूद रहे।
CASE HISTORY – 03
अवैध उत्खनन पर मेगा एक्शन… 2 जेसीबी, 8 हाइवा और 13 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
कोयला और खनिज कारोबार पर चल रही कार्रवाई के बीच खनिज विभाग ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर अवैध उत्खनन और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश और उप संचालक खनिज किशोर गोलघाटे के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान में कुल 23 वाहन जब्त किए गए।
किन-किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
तेंदुआ, कोटा, चौरसढ़ी, कछार, लोफंदी, सेंदरी, निरतु, लखराम, गढ़वत, खैरखुंडी, लोखंडी, तुर्काडीह और सकरी क्षेत्रों में जांच की गई।
जब्त किए गए वाहन
2 जेसीबी मशीन
8 हाइवा
13 ट्रैक्टर-ट्रॉली
किन मामलों में हुई कार्रवाई
अवैध रेत उत्खनन
मिट्टी और मुरूम का अवैध खनन
गिट्टी डस्ट का अवैध परिवहन
बिना अनुमति भंडारण और ढुलाई
खनिज विभाग के मुताबिक सभी जब्त वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जब्त वाहनों को कोनी, कोटा, रतनपुर और सकरी थाना परिसर में रखा गया है।
संयुक्त टीम लगातार चला रही अभियान
खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जिले में लगातार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। प्रशासन का फोकस अब कोल डिपो, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और अवैध खनन चैन पर एक साथ दिखाई दे रहा है।

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