कोटा-मस्तूरी में लगातार पकड़ रही अवैध शराब, फिर भी बड़े तस्कर अछूते; छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई, सियासत में सन्नाटा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध शराब कारोबार को लेकर सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रायपुर से भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता Brijmohan Agrawal लगातार सरकार और पुलिस सिस्टम पर हमलावर हैं। वे खुले मंचों से अवैध शराब कारोबार में शामिल “बड़े लोगों” को जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। लेकिन बिलासपुर की तस्वीर इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।



यहां कोटा, मस्तूरी, सीपत और तखतपुर जैसे इलाकों में लगातार अवैध शराब पकड़ी जा रही है, पुलिस कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन बड़े सप्लायर, नेटवर्क संचालक और कथित शराब माफिया अब भी पुलिस रिकॉर्ड से बाहर दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि अब सवाल सिर्फ अवैध शराब पर नहीं, बल्कि राजनीतिक खामोशी पर भी उठने लगे हैं।
“छोटे पकड़ो… बड़े छोड़ो?” कार्रवाई पर उठने लगे सवाल
पिछले कुछ महीनों में जिलेभर में महुआ शराब और अवैध मदिरा की खेप पकड़ने की कई कार्रवाई सामने आई हैं। पुलिस लगातार रेड कर रही है, आरोपी जेल भी भेजे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई ज्यादातर छोटे विक्रेताओं और स्थानीय सप्लायर्स तक सीमित दिखाई दे रही है।
कोटा, सीपत और तखतपुर पुलिस की ताजा कार्रवाई ने फिर यही बहस तेज कर दी है कि आखिर अवैध शराब का इतना बड़ा नेटवर्क चल कैसे रहा है और इसके पीछे मौजूद कथित बड़े चेहरे अब तक कानून की पकड़ से बाहर क्यों हैं?
कोटा में 60 लीटर महुआ शराब जब्त
‘चेतना विरुद्ध नशा’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत कोटा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम लमकेना क्षेत्र में भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब रखकर बिक्री की जा रही है।
पुलिस ने कंपसियां कला क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी परस राम खांडे (27) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान 30 प्लास्टिक पॉलीथिन में भरी कुल 60 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कीमत लगभग 12 हजार रुपए बताई गई। आरोपी को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
सीपत में नदी किनारे बिक रही थी शराब
सीपत थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम धौराकोना में रेड कार्रवाई की। पुलिस ने लीलागर नदी के पास शराब बेचते दो युवकों — मंजय धनवार और होरीलाल धनवार — को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों के कब्जे से 25 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर दोनों को जेल भेज दिया।
तखतपुर में बाइक से सप्लाई
तखतपुर पुलिस को सूचना मिली कि एक बाइक में शराब भरकर ग्राहक तलाशे जा रहे हैं। बेलसरी नाका चौक पर घेराबंदी कर पुलिस ने रवि बर्मन नामक आरोपी को पकड़ लिया।
उसके पास से 32 बोतल देशी प्लेन शराब बरामद की गई। शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल बाइक भी जब्त की गई। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 59(क) के तहत कार्रवाई की गई।
बृजमोहन के तेवर और बिलासपुर की चुप्पी
इधर रायपुर में Brijmohan Agrawal लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। वे सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि अवैध शराब कारोबार में शामिल “बड़े लोगों” पर कार्रवाई होनी चाहिए और केवल छोटे विक्रेताओं को पकड़ने से नेटवर्क खत्म नहीं होगा।
लेकिन बिलासपुर में तस्वीर अलग दिखाई दे रही है। यहां विपक्षी दलों के विधायक हों या सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि — अवैध शराब के मुद्दे पर खुलकर कोई बड़ा राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।
यही वजह है कि जिले में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर लगातार कार्रवाई और बरामदगी के बावजूद बड़े तस्करों तक पुलिस की पहुंच क्यों नहीं बन पा रही।
गांवों से शहर तक फैल चुका नेटवर्क
मस्तूरी, कोटा, सीपत और तखतपुर जैसे इलाकों में लगातार कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि अवैध शराब का नेटवर्क सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है। महुआ शराब से लेकर देशी मदिरा तक की सप्लाई चैन सक्रिय बनी हुई है।
ग्रामीण इलाकों में कच्ची शराब की बिक्री और शहर की ओर उसकी सप्लाई लंबे समय से पुलिस और आबकारी विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। लगातार हो रही बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

