
तेज धूप, धूल और गर्म हवाएं बन रहीं आंखों की दुश्मन, बच्चों और युवाओं में सबसे ज्यादा खतरा
सिम्स हॉस्पिटल बिलासपुर में भीषण गर्मी का असर अब लोगों की आंखों पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के बीच आंखों की एलर्जी और संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। खासकर वर्नल केराटो कांजंक्टिवाइटिस (VKC) नामक गंभीर एलर्जिक बीमारी के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सिम्स के नेत्र रोग विभाग के अनुसार इन दिनों ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 30 मरीज केवल VKC की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस की तुलना में यह बीमारी अधिक गंभीर और लंबे समय तक परेशान करने वाली होती है।
आंखों में तेज खुजली, जलन और रोशनी से परेशानी
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बीमारी में आंखों में लगातार खुजली, लालपन, जलन, पानी आना और तेज रोशनी में देखने में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आती हैं। बढ़ती गर्मी, धूल, परागकण और प्रदूषण के कारण आंखों की एलर्जी तेजी से बढ़ रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने कहा कि गर्मी के मौसम में आंखों की एलर्जी को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। समय पर उपचार और सावधानी बरतकर इस बीमारी से बचाव संभव है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभा सोनवानी ने बताया कि बच्चे और युवा वर्ग इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों को तेज धूप, धूल और प्रदूषण से बचने तथा आंखों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। डॉक्टरों ने कहा कि यदि आंखों में लगातार खुजली, लालपन या चुभन महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
बिना सलाह आई ड्रॉप इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी
सिम्स के डॉक्टरों ने लोगों को धूप में निकलते समय यूवी प्रोटेक्टेड चश्मा पहनने, आंखों को बार-बार न रगड़ने, ठंडे पानी से आंखों की सफाई करने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार के स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक आई ड्रॉप का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को आंखों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। अस्पताल में विशेषज्ञ उपचार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा जागरूकता के माध्यम से लोगों को समय रहते बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंग ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण आंखों से जुड़ी बीमारियों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके, इसके लिए नेत्र रोग विभाग में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

