बिलासपुर।
बिलासपुर में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पूरे मामले को देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ “सबसे बड़ा विश्वासघात” बताया।


ज्ञापन का नेतृत्व NSUI बिलासपुर जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने किया। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में हुए पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की कथित विफलता और एजेंसी की लापरवाही ने छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि पेपर लीक की पुष्टि के बाद परीक्षा निरस्त करनी पड़ी और दोबारा परीक्षा की घोषणा ने करीब 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में ला दिया। NSUI ने दावा किया कि कई राज्यों से छात्रों की आत्महत्या और अवसाद की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और कथित प्रशासनिक विफलताओं से यह स्पष्ट हो गया है कि National Testing Agency (NTA) राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने में असफल साबित हुई है। इसी आधार पर संगठन ने NTA को तत्काल भंग करने और नई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें NEET-UG 2026 पेपर लीक की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, दोषियों और कथित कोचिंग माफियाओं पर कठोर कार्रवाई, NTA को प्रतिबंधित या भंग करना, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सहायता और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने जैसी मांगें शामिल हैं।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने कहा कि देश के युवाओं का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है और केंद्र सरकार को पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
ज्ञापन को महामहिम राष्ट्रपति के नाम प्रेषित करने की मांग करते हुए NSUI पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों का विश्वास राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली से पूरी तरह खत्म हो सकता है।

