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91 किमी रफ्तार की आंधी के बाद जागी चिंता, शहर में कमजोर पेड़ों की जगह पीपल-बरगद लगाने की मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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‘अरपा अर्पण महाअभियान’ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा- गुलमोहर जैसे कमजोर पेड़ बन रहे हादसों की वजह
अरपा अर्पण महाअभियान ने शहर में तेज आंधी के दौरान पेड़ों के गिरने और शाखाएं टूटने की घटनाओं को गंभीर खतरा बताते हुए जिला प्रशासन से सड़क किनारे और डिवाइडरों में मजबूत देशी वृक्ष लगाने की मांग की है। अभियान के संस्थापक श्याम मोहन दुबे ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि शहर के ईको सिस्टम और जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब पौधारोपण नीति में बदलाव जरूरी हो गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि 5 मई को बिलासपुर में करीब 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी। इस दौरान शहरभर में कई पेड़ और डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे रातभर बिजली व्यवस्था प्रभावित रही और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि ज्यादातर टूटने वाले पेड़ गुलमोहर और उसकी प्रजाति के थे, जिनकी शाखाएं अपेक्षाकृत कमजोर होती हैं।
“बंदरों के कूदने से भी टूट जाती हैं डालियां”
ज्ञापन में दावा किया गया कि गुलमोहर जैसे पेड़ों की शाखाएं तेज हवा ही नहीं, बल्कि बंदरों के कूदने-फांदने से भी टूट जाती हैं। सड़क किनारे लगे होने के कारण इन पेड़ों के गिरने या शाखाएं टूटने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। संगठन ने यह भी कहा कि नाले निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की जड़ों के आसपास खुदाई किए जाने से उनकी पकड़ कमजोर हो जाती है, जिसके कारण बारिश और आंधी में पेड़ गिरने की आशंका बढ़ जाती है।
पीपल, बरगद, नीम और जामुन लगाने का सुझाव
संगठन ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि सड़क किनारे पीपल, बरगद, आम, नीम, करंज और जामुन जैसे मजबूत और दीर्घायु देशी वृक्ष लगाए जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे पेड़ न सिर्फ आंधी में सुरक्षित रहेंगे, बल्कि शहर का तापमान कम करने, पक्षियों को बसेरा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मददगार होंगे।
इसके अलावा डिवाइडरों में लोहे की रेलिंग के साथ लगभग 15 फीट की दूरी पर मजबूत फलदार पौधे लगाने की मांग की गई है। संगठन ने नाले निर्माण और अन्य विकास कार्यों के दौरान पेड़ों की जड़ों को सुरक्षित रखते हुए खुदाई करने की भी अपील की है।
ज्ञापन के अंत में संगठन ने “जय जय अरपा मैया” के उद्घोष के साथ प्रशासन से जनहित में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

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