बिलासपुर जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि बच्चों को मिलने वाला खीर-चना आंगनबाड़ी कर्मचारियों को दे दिया गया, जबकि स्कूल के बच्चे भूखे रह गए। इस पूरे मामले के वीडियो और फोटो होने का भी उल्लेख किया गया है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

बिलासपुर, 6 अप्रैल 2026।
जिले के शासकीय प्राथमिक शाला मरियारी (मटियारी) में मध्यान्ह भोजन योजना पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई शिकायत में स्कूल प्रबंधन पर बच्चों के हक का भोजन हड़पने और अनियमितता बरतने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, दिनांक 04 अप्रैल 2026 को स्कूल में बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार खीर और चना नहीं दिया गया। आरोप है कि बच्चों के हिस्से का भोजन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को दे दिया गया, जिसके चलते स्कूल के छात्र-छात्राएं मध्यान्ह भोजन से वंचित रह गए और उन्हें भूखे रहना पड़ा।
कई कर्मचारियों पर लगे गंभीर आरोप
शिकायत में प्रधान पाठिका श्रीमती हेमलता पटेल, श्रीमती स्नेहलता भारद्वाज, श्रीमती सोनू यादव, श्रीमती सरोज जायसवाल और श्री रामलाल यादव के नाम का उल्लेख करते हुए मध्यान्ह भोजन में भ्रष्टाचार, गड़बड़ी और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि स्कूल में लगातार बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मध्यान्ह भोजन योजना के बावजूद बच्चों को पर्याप्त और गुणवत्ता युक्त भोजन नहीं मिल पा रहा है।
वीडियो और फोटो होने का दावा
शिकायत पत्र में इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो और फोटो मौजूद होने का दावा किया गया है, जिससे आरोपों को लेकर मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि इन साक्ष्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
शिकायत में कार्रवाई की मांग
जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए आवेदन में संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने इसे बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
योजना पर उठे बड़े सवाल
मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन इस तरह के आरोपों ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

DEO का बयान : “मिड-डे मील में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, दोषी मिले तो होगी कड़ी कार्रवाई”
बिलासपुर। शासकीय प्राथमिक शाला मरियारी (मटियारी) में मध्यान्ह भोजन को लेकर सामने आए आरोपों पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे का बयान भी सामने आया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वे फिलहाल हाई कोर्ट में हैं, ऐसे में उन्हें अभी तक शिकायत की विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्यालय में इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई होगी तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में कोई भी कर्मचारी या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
DEO ने दोहराया कि बच्चों के भोजन और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और विभाग इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से देखता है।



