रायपुर।
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध शराब के संगठित सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी चोट करते हुए फरार चल रहे मुख्य सरगना दीपक मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया है। जनवरी 2026 में गंजपारा के भट्ठी क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध देशी मसाला शराब और लाखों की नगदी बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच अब पूरे नेटवर्क के ध्वस्तीकरण तक पहुंच गई है।
थाना गंज क्षेत्र में जनवरी 2026 में गंजपारा स्थित प्रभात टॉकीज के पीछे भट्ठी क्षेत्र में अवैध देशी मसाला मदिरा के बड़े जखीरे का खुलासा हुआ था। पुलिस की कार्रवाई में मौके से 42.840 बल्क लीटर अवैध शराब (238 पौवा) के साथ ₹3,40,220 नगद जब्त किए गए थे। कुल जप्त संपत्ति का आंकड़ा ₹4,28,020 दर्ज किया गया।
इस मामले में थाना गंज में अपराध क्रमांक 112/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी अधिनियम और 112(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित अवैध कारोबार है, जिसमें कई लोग मिलकर भंडारण, परिवहन और सप्लाई की चेन चला रहे थे।
तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क:
पुलिस ने लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाते हुए, पूछताछ और पतासाजी के जरिए पूरे सिंडिकेट की परतें खोलीं। कार्रवाई के दौरान एक-एक कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अंततः मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई गई।
अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार:
प्रकरण में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती कार्रवाई में
ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश साहू
गोपाल दास मानिकपुरी
को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध शराब और नगदी बरामद हुई।
इसके बाद फरार चल रहे अन्य आरोपी—
राजेश नागेश (43 वर्ष), निवासी गंजपारा स्टेशन मार्ग
दीप पाल सागर (30 वर्ष), निवासी केलकर पारा
को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने पूरे अवैध नेटवर्क और उसके संचालन की अहम जानकारियां पुलिस को दीं।
मास्टरमाइंड दीपक मुदलियार गिरफ्तार:
पूरे नेटवर्क के सूत्रधार और लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य सरगना दीपक मुदलियार को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। जांच में सामने आया कि वही इस अवैध शराब सिंडिकेट का संचालन कर रहा था और पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था।
आरोपी को 30 मार्च 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे धारा 34(2) आबकारी अधिनियम एवं 112(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अभियान जारी:
रायपुर पुलिस द्वारा अवैध शराब के संगठित नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।



