रायपुर, बिलासपुर छत्तीसगढ़।
रायपुर में नशे के कारोबार का ऐसा हाईटेक और खतरनाक नेटवर्क सामने आया है, जिसने पुलिस ही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को चौंका दिया। दिल्ली में बैठे मास्टरमाइंड, कोरियर के जरिए सप्लाई, Rapido राइडर्स के जरिए डिलीवरी और “Dead Drop System” के जरिए ग्राहकों तक पहुंच—यह पूरा सिंडिकेट किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त कर न सिर्फ लाखों की ड्रग्स जब्त की, बल्कि देशभर में फैले नशे के एक बड़े चैनल की कमर तोड़ दी।



हाईटेक ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा
डीसीपी (क्राइम एवं साइबर) के निर्देशन में एसीसीयू, एएनटीएफ और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि “Dead Drop System” का इस्तेमाल कर रहा था—जहां ड्रग्स को सुनसान जगहों पर रखकर सिर्फ लोकेशन और वीडियो के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।
दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था ‘ड्रग्स कंट्रोल रूम’
इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड
महेश खड़का
कुसुम हिन्दुजा
बताए गए हैं, जो दिल्ली में रहकर पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे थे।
व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क
कोरियर लॉजिस्टिक्स के जरिए रायपुर में सप्लाई
बैंक खातों के जरिए पेमेंट सिस्टम
यानी पूरी तरह डिजिटल और ट्रेस करना मुश्किल नेटवर्क तैयार किया गया था।
Rapido राइडर्स बने ‘ड्रग्स डिलीवरी बॉय’
पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरोह ने Rapido बाइक सर्विस का इस्तेमाल डिलीवरी के लिए किया।
रायपुर में सक्रिय तीन राइडर—
सौरभ डोंगरे
शुभम राठौर
सौरभ यादव
सुनसान जगहों पर ड्रग्स रखकर उसकी लोकेशन और वीडियो मास्टरमाइंड को भेजते थे, जिससे ग्राहक खुद जाकर ड्रग्स उठा लेते थे।
ऑपरेशन काशीराम नगर: ऐसे टूटा नेटवर्क
29 मार्च 2026 को मिली सटीक सूचना पर पुलिस ने तेलीबांधा क्षेत्र के काशीराम नगर में घेराबंदी कर 3 राइडर्स को रंगे हाथों पकड़ा।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि:
ड्रग्स सप्लाई कुणाल मंगतानी करता था
उसे कोरियर से ड्रग्स मिलती थी
वह राइडर्स के जरिए “Dead Drop” करवाता था
इसके बाद पुलिस ने कुणाल मंगतानी को भी गिरफ्तार किया।
दिल्ली तक पहुंची कार्रवाई, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
रायपुर पुलिस की टीम दिल्ली रवाना हुई और पंचशील विहार में दबिश देकर
महेश खड़का
कुसुम हिन्दुजा
को ट्रेस कर नोटिस देकर रायपुर बुलाया गया, जहां उनकी भूमिका सिद्ध होने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदने की बात कबूली—जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका गहरा गई है।
पहले भी जेल जा चुके हैं मास्टरमाइंड
दोनों आरोपी वर्ष 2024 में थाना खम्हारडीह में दर्ज ड्रग्स प्रकरण में पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन जमानत के बाद फिर से नेटवर्क खड़ा कर लिया।
कुल 6 आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है:
कुणाल मंगतानी (ड्रग्स रिसीवर)
सौरभ डोंगरे (राइडर)
शुभम राठौर (राइडर)
सौरभ यादव (राइडर)
महेश खड़का (मास्टरमाइंड)
कुसुम हिन्दुजा (मास्टरमाइंड)
ड्रग्स सिंडिकेट में भूमिकाएं
मास्टरमाइंड: महेश खड़का, कुसुम हिन्दुजा
सप्लाई रिसीवर: कुणाल मंगतानी
डिलीवरी एजेंट: सौरभ यादव, शुभम राठौर, सौरभ डोंगरे
जप्त मशरूका: 10 लाख का नशा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
48.03 ग्राम MDMA (कीमत लगभग ₹7 लाख)
8 पार्टी पिल्स
9 मोबाइल फोन
स्प्लेंडर बाइक (CG 04 NG 8529)
ड्रग्स सप्लाई में उपयोग किया गया कोरियर बॉक्स
कुल कीमत: लगभग ₹10 लाख
कानूनी कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में
अपराध क्रमांक 146/26, धारा 22(ख) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सिंथेटिक ड्रग्स से दूर रहें और इस तरह की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।



