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4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोने के लिए खून का रिश्ता हुआ तार-तार…सगे भाइयों-भतीजों ने रिटायर्ड लेखापाल की कराई हत्या, 11 गिरफ्तार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर ,रायपुर मुंगेली।
मुंगेली जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है। सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके अपने ही सगे भाइयों, भतीजों और भांजे ने मिलकर कराई। 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोने के लालच में रची गई इस साजिश में 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।
लावारिश बाइक से शुरू हुई जांच, साजिश तक पहुंची पुलिस
घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 को हुई, जब ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास 62 वर्षीय दामोदर सिंह राजपूत की मोटरसाइकिल संदिग्ध हालत में लावारिश मिली। इसके बाद उनके भाई बलबीर सिंह ने लालपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग और मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और डीएसपी हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल और पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की।
‘त्रिनयन ऐप’ और CCTV से खुला राज
जांच के दौरान जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सीमावर्ती इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए। ‘त्रिनयन ऐप’ की मदद से संदिग्ध गतिविधियों का रूट चार्ट तैयार किया गया।
इस दौरान एक स्लेटी रंग की हुंडई ईयॉन कार (CG 10 AC 8986) मृतक का पीछा करती दिखाई दी। जांच में पता चला कि यह कार झाफल निवासी संजय यादव ने किराए पर ली थी।
सुपारी किलिंग: 10 लाख और जमीन का लालच
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान संजय यादव ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत, साले पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
आरोपियों ने दामोदर सिंह की 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोने को हड़पने के लिए संजय यादव को 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी थी।
रास्ते में गला घोंटकर हत्या, जंगल में दफनाया शव
21 मार्च को जब दामोदर सिंह झाफल जा रहे थे, उसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उनका अपहरण कर गला घोंटकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा जंगल में नदी किनारे रेत में दफना दिया गया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए रची गई साजिश
आरोपियों ने पुलिस और परिजनों को भ्रमित करने के लिए कई चालें चलीं।
मृतक और उनके बेटे संजय राजपूत के बीच खराब संबंधों का फायदा उठाया गया
एक फर्जी नोटरी तैयार करवाई गई, जिसमें संपत्ति भाइयों को देने की बात दिखाई गई
मोबाइल फोन प्रयागराज भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया गया, ताकि लगे कि मृतक संन्यासी बन गए
ऐसे बरामद हुआ शव
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पंडरिया के जंगल से शव को खुदवाकर बाहर निकाला और पोस्टमार्टम कराया।
मामले में पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन और नकदी भी जब्त की है:
टाटा स्पेशियो गोल्ड
हुंडई ईयॉन कार
स्कूटी और मोटरसाइकिल
96,000 रुपए नकद (सुपारी की रकम का हिस्सा)
11 आरोपी गिरफ्तार, 4 नाबालिग बाल गृह भेजे गए
पुलिस ने हत्या, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं (BNS) के तहत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
रणजीत सिंह राजपूत (भाई)
पालेश्वर राजपूत (साला)
रामपाल सिंह राजपूत (चचेरा भाई)
पराग सिंह राजपूत (भतीजा)
हेमंत राजपूत
अजय राजपूत (भांजा)
संजय यादव (मुख्य आरोपी)
श्रवण उर्फ प्रिंस गोई
योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर
देवराज साहू उर्फ दद्दु
आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेंद्र

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