Latest news

ऊपर फल… नीचे ‘नशे की दीवार’…‘तरबूज कवर’ में छिपा 225 किलो गांजा: NH-53 पर हाई-रिस्क ऑपरेशन, 6 तस्कर गिरफ्तार, 1.25 करोड़ की सीधी चोट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read


बिलासपुर, महासमुंद/रायपुर। हाईवे पर दौड़ रही एक पिकअप… ऊपर तरबूज, नीचे करोड़ों का नशा। सिंघोड़ा पुलिस ने सटीक इनपुट पर ऐसा जाल बिछाया कि ओडिशा से उत्तरप्रदेश जा रही गांजे की बड़ी खेप रास्ते में ही ध्वस्त हो गई। 225 किलो गांजा, पायलटिंग कर रही कार समेत 6 तस्कर और 1.25 करोड़ की संपत्ति—एक ही कार्रवाई में पूरा नेटवर्क बेनकाब।
‘पायलट कार’ के साथ चल रहा था नशे का काफिला
26 मार्च 2026… एएसआई लक्ष्मण साहू की टीम मुरमुरी इलाके में पेट्रोलिंग पर थी। तभी इनपुट आया—ओडिशा से एक पिकअप में गांजा आ रहा है, और आगे-आगे एक कार रास्ता साफ कर रही है।
सूचना मिलते ही NH-53 के रेहटीखोल में बैरिकेडिंग… चारों तरफ घेराबंदी… और इंतजार।
कुछ ही देर में दोनों संदिग्ध वाहन दिखाई दिए—पहले कार, पीछे पिकअप। पुलिस ने दोनों को एक साथ रोका… और यहीं से खुली नशे की परतें।
ऊपर फल… नीचे ‘नशे की दीवार’
तलाशी शुरू हुई तो तस्वीर साफ हो गई—तरबूज की परत हटते ही नीचे प्लास्टिक बोरियों में पैक गांजा।
9 बोरियां, 213 पैकेट
कुल वजन: 225 किलो
कीमत: 1.12 करोड़ रुपए से ज्यादा
पूछताछ में आरोपियों ने माना—तरबूज सिर्फ कवर था, असली माल नीचे छिपा था ताकि चेकिंग में शक न हो।
ओडिशा से यूपी तक फैला रूट, 6 चेहरे गिरफ्त में
पकड़े गए आरोपी: सतीश गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, सूरज गुप्ता, योगेश कुशवाहा, हरिबाबु वर्मा और रामबाबु वर्मा
इनके नेटवर्क का रूट साफ निकला—ओडिशा के संबलपुर से यूपी के चित्रकूट तक सप्लाई
कार पायलटिंग कर रही थी ताकि रास्ते में पुलिस या चेकिंग की भनक मिलते ही पिकअप को अलर्ट किया जा सके।
जब्ती: सीधा 1.25 करोड़ का झटका
गांजा: 225 किलो (≈ 1.12 करोड़ रुपए)
पिकअप: 5 लाख
कार: 7 लाख
मोबाइल: 6 नग
कुल जब्ती: 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपए
NDPS एक्ट की कड़ी धाराओं में केस दर्ज… और अब नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कवायद तेज।
नया खेल: अब हाथों से नहीं, पार्सल से पहुंच रहा नशा
सख्ती बढ़ते ही तस्करों ने अपना तरीका पूरी तरह बदल दिया है।
सीधी डिलीवरी बंद
कुरियर-ट्रांसपोर्ट से सप्लाई
एजेंट भी अब माल लेकर नहीं चलते
सबसे बड़ा बदलाव—नशा अब रोजमर्रा के सामान में छिपकर पहुंच रहा है
चिप्स, कोल्डड्रिंक, पूजा सामग्री… हर पैकेट संदिग्ध
जांच में सामने आया पैटर्न:
चिप्स के पैकेट और कोल्डड्रिंक कार्टन
दवाइयों और पूजा सामग्री के पैकेट
छोटे-छोटे सीलबंद पैकेट्स
इतना ही नहीं, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के अंदर भी ड्रग्स फिट करके भेजा जा रहा है ताकि स्कैनिंग से बचा जा सके।
कुरियर ट्रिक: ‘बीपी मशीन’ में भरा ड्रग्स
राजधानी में एक केस ने तस्करी के इस नए मॉडल को उजागर किया—
बाहर बैठे सप्लायर ने एडवांस लिया
ब्लड प्रेशर मशीन के अंदर ड्रग्स फिट किया
पार्सल की फोटो पहले भेजी
फिर सीधा घर तक डिलीवरी
‘ड्रॉप एंड रन’ गैंग: लोकेशन भेजो, माल उठाओ
एक और खतरनाक ट्रेंड तेजी से फैल रहा है—
तस्कर खुद डिलीवरी नहीं करते
सुनसान जगह पर पैकेट छोड़ते हैं
लाइव लोकेशन और फोटो भेजते हैं
पेमेंट पहले, माल बाद में
मॉल पार्किंग, खाली प्लॉट, सोसायटी के कोने—हर जगह डिलीवरी पॉइंट बन चुके हैं।
नेटवर्क का आकार: आंकड़े जो चौंकाते हैं
445 पैडलर्स पिछले साल दबोचे गए
120 हार्ड ड्रग्स तस्कर (चरस, हेरोइन, कोकीन, MD)
1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा का ड्रग्स जब्त
50 तस्कर इस साल अब तक गिरफ्त में
देशभर में ‘क्रिएटिव’ तस्करी के तरीके
तरबूज और फलों के अंदर हेरोइन
किताबों के पन्नों में MDMA
जूतों के सोल और जैकेट में कोकीन
दूध-घी के डिब्बों में लिक्विड ड्रग्स
टायर और कार पार्ट्स में छिपाव
चॉकलेट और गिफ्ट पैक में सिंथेटिक ड्रग्स
अब फोकस: सप्लाई चेन तोड़ना
हाईवे से लेकर कुरियर नेटवर्क तक—हर कड़ी की जांच तेज है।
ट्रांसपोर्टर, लॉजिस्टिक चैन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल खंगाले जा रहे हैं।
संदेह के घेरे में आए हर लिंक को तोड़ने के लिए टीमें लगातार फील्ड में हैं।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।