





बिलासपुर। शहर के प्रतिष्ठित बर्जेस अंग्रेजी शाला में नन्हे बच्चों की उपलब्धियों और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां एक ओर के.जी. 2 के विद्यार्थियों का ग्रेजुएशन डे उत्साहपूर्वक मनाया गया, वहीं दूसरी ओर समर कैंप के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को तराशने का सिलसिला भी जारी है। कार्यक्रमों में बच्चों की भागीदारी, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग प्रमुख रूप से नजर आया।
ग्रेजुएशन डे: नन्हे विद्यार्थियों के सपनों को मिली नई उड़ान
शाला में आयोजित ग्रेजुएशन डे समारोह में के.जी. 2 के बच्चों को सम्मानपूर्वक अंक सूची प्रदान की गई। इस अवसर पर शाला की प्राचार्या श्रीमती निशिता हंसा दास एवं वरिष्ठ कर्मचारी बिकास मजूमदार ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्राचार्या श्रीमती निशिता हंसा दास ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रेजुएशन डे का उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे प्रारंभिक शिक्षा से आगे बढ़ते हुए उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हों और देश का नाम रोशन करें।
वहीं बिकास मजूमदार ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं आया दीदियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को सिखाना और उनका मार्गदर्शन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें अभिभावकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इस आयोजन को सफल बनाने में शाला की शिक्षिका नैंसी रिबेरो, मिल्खा सिंह, रेबेका सिंह, ग्रेस कश्यप, अनामिका विलियम, कविना नाथ, रीमा मसीह और सीमा सिंह सहित अन्य स्टाफ का उल्लेखनीय योगदान रहा।
समर कैंप: सीख के साथ मनोरंजन, बच्चों की प्रतिभा को मिल रहा मंच
बर्जेस अंग्रेजी शाला में 17 मार्च से समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को विविध गतिविधियों के माध्यम से नई-नई चीजें सीखने का अवसर मिल रहा है।
समर कैंप के दौरान जुंबा डांस, ट्रेडिशनल डांस, आर्ट एंड क्राफ्ट, मिट्टी से दीये बनाना और ताइक्वांडो जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फिजियोथेरेपिस्ट और डेंटिस्ट द्वारा उपयोगी जानकारी भी साझा की जा रही है।
प्राचार्या श्रीमती निशिता हंसा दास ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के समय का सदुपयोग करना और उन्हें विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। परीक्षा के बाद जहां बच्चे अक्सर अपना समय अनुत्पादक कार्यों में व्यतीत करते हैं, वहीं इस कैंप के माध्यम से उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक दिशा दी जा रही है, जिससे उनकी प्रतिभा निखर सके।
उन्होंने यह भी बताया कि समर कैंप में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को सिखाना शाला की प्राथमिकता है, ताकि वे बेहतर तरीके से सीख सकें और अपनी क्षमताओं को पहचान सकें।
कैंप के सफल संचालन में जावेद अली, सीमा सिंह, आकांक्षा ताम्रकार, रेणु महाजन और जोआना का विशेष योगदान रहा।
ग्रेजुएशन डे की खुशियों और समर कैंप की रचनात्मकता के साथ बर्जेस अंग्रेजी शाला में बच्चों के सर्वांगीण विकास की तस्वीर साफ नजर आ रही है, जहां शिक्षा के साथ-साथ कौशल और संस्कारों पर भी बराबर जोर दिया जा रहा है।



