फोन, व्हाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल से दर्ज होंगी शिकायतें; जनदर्शन से लेकर जिलों तक की अर्जी एकीकृत प्रणाली में होगी ट्रैक
सचिव स्तर तक मॉनिटरिंग, समयसीमा में निराकरण नहीं तो देना होगा स्पष्ट जवाब
रायपुर, 27 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में आमजन की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन को एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में सशक्त बनाने की कवायद तेज कर दी है। अब दूरभाष, व्हाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज हर शिकायत को एक यूनिक आईडी मिलेगी और निर्धारित समय-सीमा में उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्रालय महानदी भवन में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत की अध्यक्षता में सीएम हेल्पलाइन योजना से जुड़े विभिन्न विभागों के नामांकित नोडल अधिकारियों और सहायक नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण सह बैठक आयोजित की गई। तकनीकी सपोर्ट टीम ने प्रेजेंटेशन के जरिए अधिकारियों को प्रणाली की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीयन, मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
जनदर्शन से जिलों तक—एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगी शिकायतें
सचिव राहुल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में जनसामान्य की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए सीएम हेल्पलाइन को एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री के जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का निराकरण भी इसी प्रणाली के माध्यम से होगा। वहीं जिलों में कलेक्टर जनदर्शन के दौरान प्राप्त शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज किया जाएगा। इससे राज्यभर की शिकायतें एक ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत होकर मॉनिटर की जा सकेंगी।
सचिव स्तर तक होगी निगरानी
प्रणाली के तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में प्राप्त शिकायतों को पंजीकृत कर संबंधित विभागीय सचिव तक उसकी जानकारी पहुंचाई जाएगी। विभागीय सचिव को यह स्पष्ट रहेगा कि किस स्तर के अधिकारी द्वारा शिकायत का निराकरण किया गया है।
यदि निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को हेल्पलाइन पर स्पष्ट जवाब दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे जवाबदेही तय होगी और लंबित प्रकरणों पर निगरानी संभव होगी।
शिकायतकर्ता को मिलेगी ट्रैकिंग सुविधा
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। शिकायतकर्ता इस आईडी के जरिए अपनी समस्या की स्थिति, कार्रवाई और समाधान की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग एक ही मंच पर अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे, जिससे शिकायत निवारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने नई प्रणाली के संचालन और दायित्वों को लेकर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।



