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त्योहार से ठीक पहले ‘मिठास’ में मिलावट का वार: 9 प्रतिष्ठान फेल, 2 के सैंपल अनसेफ; केक वॉकर, रॉयल स्वीट्स और जय श्री राम खोवा दुकान पर शिकंजा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur बिलासपुर। त्योहारों की रौनक से पहले शहर के स्वाद पर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की लैब रिपोर्ट ने खानपान कारोबार की परतें खोल दी हैं। बीते वर्ष लिए गए सैंपलों की जांच में 9 प्रतिष्ठान गुणवत्ता कसौटी पर फिसल गए—इनमें 2 जगहों के खाद्य पदार्थ पूरी तरह ‘अनसेफ’ यानी मानव उपभोग के अयोग्य पाए गए, जबकि 7 प्रतिष्ठानों के उत्पाद अमानक घोषित हुए। रिपोर्ट सामने आते ही कारोबारियों में हलचल और उपभोक्ताओं में चर्चा तेज हो गई है।


‘केक वॉकर’ का केक अनसेफ, मामला कोर्ट में
रिंग रोड-2 स्थित केक वॉकर से लिया गया केक का सैंपल जांच में अनसेफ पाया गया। लैब रिपोर्ट के मुताबिक यह खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा और इसे मानव उपभोग के योग्य नहीं माना गया। प्रकरण न्यायालय में लंबित है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में बड़े आर्थिक दंड और अन्य वैधानिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


खोवा मंडी में भी बड़ा झटका


खोवा मंडी स्थित जय श्री राम खोवा दुकान से लिया गया खोवा का सैंपल भी अनसेफ पाया गया। रिपोर्ट में इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। त्योहारों के मौसम में सबसे अधिक खपत वाले खोवा के अनसेफ मिलने से मिठाई कारोबार पर असर की आशंका बढ़ी है।


7 प्रतिष्ठान अमानक घोषित
जांच में 7 अन्य प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थ तय गुणवत्ता मानकों से कम पाए गए। इन्हें सब-स्टैंडर्ड (अमानक) घोषित किया गया है—
रॉयल स्वीट्स, राजेंद्र नगर – लूज बेसन पात्रा: अमानक
औरा लक्जरी होटल एंड क्लब, रायपुर रोड – लूज पनीर: अमानक
ग्लोरी ढाबा, रतनपुर – लूज पनीर: अमानक (कोर्ट से ₹25 हजार जुर्माना)
जय सियाराम खोवा, खोवा मंडी – लूज खोवा: अमानक
परदेशी होटल, कोटा – खुला सफेद पेड़ा: अमानक
सिमरन दाल मिल, सिरगिट्टी – लूज उड़द दाल: अमानक
केपी प्रोडक्ट्स, तिफरा – खाद्य तेल: अमानक
ग्लोरी ढाबा पर न्यायालय से 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। अन्य मामलों में वैधानिक प्रक्रिया जारी है।


कार्रवाई की प्रक्रिया
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर रायपुर स्थित प्रयोगशाला में जांच कराई जाती है। ‘अनसेफ’ पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई, भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक का प्रावधान है। सब-स्टैंडर्ड मामलों में आर्थिक दंड और सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
लैब पर दबाव, बजट में 25 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश में एकमात्र सेंट्रल लैब रायपुर में संचालित है, जहां पूरे प्रदेश से सैंपल भेजे जाते हैं। अधिक दबाव के कारण रिपोर्ट आने में समय लगता है। 24 फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान घोषित किया है, ताकि जांच क्षमता बढ़ाई जा सके।
कलकत्ता स्वीट्स से भी सैंपल कलेक्ट
सरकंडा के अशोक नगर चौक स्थित कलकत्ता स्वीट्स से बेसन लड्डू और सेव भुंजिया के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
“सभी मामलों की विवेचना कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रकरणों को आगे की सुनवाई के लिए कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग लगातार जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई कर रहा है।”
— आर.आर. देवांगन, डीओ, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

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