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मजदूर हितों पर निर्णायक हुंकार: “त्याग, तपस्या और बलिदान” के मंत्र के साथ सड़कों पर उतरा भारतीय मजदूर संघ

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 25 फरवरी 2026।
मजदूरों के हक और सम्मान को सर्वोच्च धर्म मानने वाला भारतीय मजदूर संघ, जिला–बिलासपुर एक बार फिर श्रमिकों की आवाज बनकर मुखर हुआ। संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


पुरी अधिवेशन से निकला राष्ट्रीय अभियान का संकल्प
संगठन पदाधिकारियों के अनुसार 6, 7 और 8 फरवरी 2026 को उड़ीसा के पावन धाम पुरी में आयोजित अखिल भारतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने श्रमिकों की वर्तमान परिस्थितियों, चुनौतियों और अधिकारों पर गंभीर मंथन किया।
अधिवेशन में लिए गए निर्णयों के अनुरूप पूरे देश में श्रमिक अधिकारों के समर्थन में सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 25 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान मजदूर वर्ग की ओर आकर्षित किया गया।
बिलासपुर जिला इकाई ने भी पूर्ण संगठनात्मक एकता और अनुशासन के साथ इस अभियान में भागीदारी निभाई और ज्ञापन सौंपकर मजदूरों की प्रमुख मांगों को स्पष्ट रूप से रखा।
ये हैं मजदूर संघ की दो प्रमुख मांगें
1. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी में पुरानी पेंशन योजना लागू हो
संगठन ने मांग की कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाए।
संगठन का तर्क है कि राज्य सरकार द्वारा अन्य शासकीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जा चुकी है, लेकिन पावर कंपनी के कर्मचारियों को अब तक इससे वंचित रखा गया है। समानता और न्याय के सिद्धांत पर उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
2. रिक्त पदों पर शीघ्र नई भर्ती प्रक्रिया शुरू हो
सेवानिवृत्ति के बाद खाली पड़े पदों पर नियुक्ति न होने से कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर कार्यक्षमता और सेवा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
संगठन ने जनहित और सुचारू सेवा संचालन को ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है, ताकि कार्य का दबाव कम हो और विभागीय दक्षता बनी रहे।
“त्याग, तपस्या और बलिदान” — संघर्ष की पहचान
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का मूल मंत्र “त्याग, तपस्या और बलिदान” है। इसी भावना के साथ संघ वर्षों से श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्षरत है।
उन्होंने कहा कि संगठन की आत्मीय एकता, अनुशासन और सक्रियता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। यही ताकत हर परिस्थिति में मजदूर वर्ग के साथ खड़ी रहती है और अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करती है।
स्पष्ट संदेश
भारतीय मजदूर संघ ने साफ किया कि मजदूर हित सर्वोपरि हैं। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
संगठन का संदेश दो टूक है —
“मजदूर हितों से समझौता नहीं, संघर्ष जारी रहेगा।”

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