फिल्म के नाम और कहानी पर यादव समाज नाराज़, प्रतिबंध की मांग
“सम्मान से समझौता नहीं” – फिल्म के खिलाफ यादव समाज का ऐलान
बिलासपुर। 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” को लेकर छत्तीसगढ़ समेत देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम और कथानक पर आपत्ति जताते हुए यादव समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि फिल्म की कहानी में एक यादव लड़की और मुस्लिम युवक के काल्पनिक प्रेम प्रसंग को दर्शाया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं।
सर्व समाज यादव छत्तीसगढ़ प्रदेश ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए देश की प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा National Film Development Corporation के अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की है। समाज का कहना है कि फिल्म का शीर्षक और कहानी समाज की बहन-बेटियों के सम्मान के विरुद्ध है तथा इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।
समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विरोध के बावजूद फिल्म किसी भी थिएटर में प्रदर्शित की जाती है तो वे उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक फिल्म का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज के सम्मान और एकता का प्रश्न है।
ज्ञापन सौंपने की तैयारी, आंदोलन की चेतावनी
यादव समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि विभिन्न जिलों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं और प्रशासन के माध्यम से उच्च स्तर पर ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। समाज की मांग है कि फिल्म के नाम और कथानक की समीक्षा कर रिलीज पर रोक लगाई जाए।
अमित यादव (यादव समाज): “हमारी बहन-बेटियों के सम्मान से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। फिल्म का नाम और इसकी कहानी समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी करेंगे।”
रेवती यादव (यादव समाज): “यह केवल एक काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि हमारे समाज की पहचान से जुड़ा विषय है। हमने देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है। समाज की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया तो व्यापक विरोध होगा।”
फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें सरकार और प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि रिलीज से पहले इस विवाद पर क्या रुख अपनाया जाता है और आने वाले दिनों में मामला किस दिशा में बढ़ता है।



