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मैजिक वूमेन के जाल में फंसा कर 20 लाख 29 हजार रुपए की ठगी… ‘फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट  फिर लड़की की आवाज में बात कर वसूली रकम

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 साइबर ठगों के नए जाल को पुलिस ने जकड़ा

00 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग का मामला

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ केबिलासपुर रेंज साइबर थाना ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फेसबुक पर फर्जी लड़की की आईडी बनाकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। साइबर अपराधियों ने 20.29 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

ठगी का तरीका:

1. फर्जी फेसबुक प्रोफाइल:
आरोपियों ने लड़की के नाम और फोटो से फर्जी प्रोफाइल बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी।

2. ‘Magic Women’ ऐप का इस्तेमाल:
इस ऐप के जरिए लड़की की आवाज में बात कर लोगों को विश्वास में लिया।

3. फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग:
ठगी की राशि को छिपाने के लिए फर्जी सिम और अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया।

4. ब्लैकमेलिंग और धमकी:
ठगी के बाद, पीड़ित को आत्महत्या का झांसा देकर धमकी दी जाती थी ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे।

केस स्टडी: मुरली पटेल की कहानी

पीड़ित: मुरली पटेल (53 वर्ष)
बिलासपुर निवासी मुरली पटेल को फेसबुक पर एक फर्जी लड़की की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और फिर छोटे-छोटे बहाने बनाकर पैसे मांगे गए। जब मुरली ने पैसे देने से इंकार किया, तो उसे आत्महत्या की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

72 घंटे में पुलिस की सफलता

बिलासपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए केवल 72 घंटे में केस सुलझा लिया।

टीम लीड: निरीक्षक राजेश मिश्रा

विशेष योगदान: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीसीयू टीम

गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान:

आरोपी:

1. प्रीतम महंत

2. कामेश साव

3. हेमसागर पटेल उर्फ डिकेश

बरामद सामग्री:

नकद: ₹2.60 लाख

मोबाइल, एसी, वॉशिंग मशीन, सोने-चांदी के गहने: कुल ₹4.65 लाख की संपत्ति

साइबर ठगी से बचाव के उपाय:

1. अंजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।

2. पर्सनल जानकारी ऑनलाइन शेयर न करें।

3. संदिग्ध कॉल या मैसेज से सावधान रहें।

4. ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

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