वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सरकंडा, सिविल लाइन और कोनी में बीट का किया निरीक्षण, जवानों से सीधा संवाद
बिलासपुर।
जिले में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बिलासपुर जिले में नवीन बीट प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक बीट में तीन शिफ्ट में 24×7 घंटे पुलिस ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 8-8 घंटे की दो शिफ्टों में बीट आरक्षकों की तैनाती की गई है। बीट प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार किया गया है।
नवीन बीट प्रणाली के क्रियान्वयन और जमीनी आकलन के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आज सरकंडा, सिविल लाइन एवं कोनी थाना क्षेत्र के बीटों का भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान सरकंडा थाना क्षेत्र के बीट क्रमांक 01 नूतन चौक, बीट क्रमांक 03 चिंगराजपारा तथा बीट क्रमांक 04 मोपका में तैनात बीट आरक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद जवानों से बीट प्रणाली के उद्देश्य, बीट गठन और जिम्मेदारियों को लेकर पूछताछ की। बीट पर तैनात आरक्षकों ने बताया कि इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य थाना क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति को दृश्य और प्रभावी बनाना, अपराधों की रोकथाम, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखना, आम जनता से बेहतर समन्वय बनाना, अपराधों से जुड़ी प्रारंभिक सूचनाओं का संकलन तथा क्षेत्र में बाहरी लोगों और मुसाफिरों की जानकारी रखना है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बीट आरक्षक इन सभी बिंदुओं पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
निरीक्षण के क्रम में बीट आरक्षकों के रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। बीट आरक्षकों द्वारा क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर आम नागरिकों से संपर्क स्थापित करने, स्थानीय स्तर की समस्याओं जैसे बदमाशी, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और अड्डेबाजी के संबंध में जानकारी लेने की स्थिति भी सामने आई। जिन क्षेत्रों में पूर्व में चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं, वहां अधिक सघन पेट्रोलिंग किए जाने की जानकारी भी दी गई।
बीट क्षेत्र में छोटे-छोटे समूहों में आम लोगों के साथ बैठक कर बीट प्रणाली की जानकारी, पुलिस की हमेशा उपलब्धता और संपर्क व्यवस्था से नागरिकों को अवगत कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आम जनता से प्रत्यक्ष इंटरेक्शन कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करने की जानकारी दी गई।
जिले में लागू की गई इस आदर्श बीट प्रणाली के तहत बीट आरक्षकों की पहचान धीरे-धीरे क्षेत्रवासियों के बीच स्थापित हो रही है। बीट में तैनात पुलिसकर्मी लोगों के लिए आसानी से सुलभ होते जा रहे हैं, जिससे थाने तक सीमित रहने वाली पुलिस व्यवस्था अब सीधे मोहल्लों और गांवों तक पहुंच रही है। बीट प्रणाली के माध्यम से आम जनता के लिए पुलिस की उपलब्धता को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।



