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अंधेरे में डूबा स्मार्ट सिटी का दावा: स्ट्रीट लाइट नहीं सुधरीं तो निगम को मोमबत्ती–लालटेन गिफ्ट करेगी कांग्रेस

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
खुद को स्मार्ट सिटी बताने वाले बिलासपुर की जमीनी हकीकत पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने सीधे-सीधे चेतावनी दी है। कांग्रेस का आरोप है कि निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक स्ट्रीट लाइट या तो पूरी तरह बंद हैं या फिर काम करने की हालत में नहीं हैं, जिससे शहर रात होते ही अंधेरे में डूब जाता है।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सिधांशु मिश्रा ने कहा कि सड़क किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइट जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं। कहीं खंभे खड़े हैं लेकिन लाइट नहीं जलती, तो कहीं लाइट लगी होने के बावजूद महीनों से बंद पड़ी हैं। इस स्थिति में रात के समय शहर के विभिन्न इलाकों में दुर्घटनाओं, आपराधिक घटनाओं और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी की आशंका लगातार बनी रहती है।

कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले स्ट्रीट लाइटों का बंद रहना सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। खासकर रात के समय आवागमन करने वाले राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए यह हालात बेहद खतरनाक हैं। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा सुधार और मरम्मत को लेकर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

श्री सिधांशु मिश्रा ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन मंत्री और बिलासपुर जिला प्रभारी स्वयं श्री अरुण साहू हैं, इसके बाद भी बिलासपुर जिले की नगर व्यवस्था इस कदर लचर है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जब जिला प्रभारी मंत्री के ही जिले का यह हाल है, तो पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की नगरीय व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

कांग्रेस ने मांग की है कि बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी बंद और खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल मरम्मत कर दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं और आम जनता को होने वाली असुविधा से बचा जा सके। इसके लिए कांग्रेस ने नगर निगम को तीन दिवस का अल्टीमेटम दिया है।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि तीन दिवस के भीतर नगर निगम क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों का दुरुस्तीकरण और मरम्मत कार्य नहीं किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता बिलासपुर नगर निगम कार्यालय पहुंचकर निगम को मोमबत्ती और लालटेन गिफ्ट के रूप में भेंट करेंगे। कांग्रेस ने इसे स्मार्ट सिटी के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच के अंतर का प्रतीक बताया है।

बिलासपुर स्मार्ट सिटी की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद नगर निगम और नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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