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थाने की चौखट पर जनता की सीधी आवाज़: बिलासपुर पुलिस रेंज में ‘अनुभव’ QR कोड लॉन्च, एक स्कैन में आईजी तक पहुंचेगा फीडबैक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
अब थाने का अनुभव सिर्फ मन में नहीं रहेगा, सीधे पुलिस महानिरीक्षक तक पहुंचेगा। बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिसिंग के तौर-तरीकों को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा नवाचार बुधवार को सामने आया। पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से तैयार ‘अनुभव’ QR कोड सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया गया, जिसके जरिए आमजन अब थानों और पुलिस कार्यालयों से जुड़े अपने अनुभव, शिकायत और सुझाव सीधे साझा कर सकेंगे।

बिलासपुर पुलिस लाइन स्थित चेतना हाल में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह की उपस्थिति में ‘अनुभव’ QR कोड लॉन्च किया गया। इस अवसर पर रेंज के सभी जिलों—कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ और सक्ती—के पुलिस अधीक्षक वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।

‘अनुभव’ QR कोड को स्कैन करते ही एक सरल गूगल फॉर्म खुलता है, जहां आमजन प्रश्नोत्तर के माध्यम से थाने या पुलिस कार्यालय से जुड़े अपने अनुभव दर्ज कर सकते हैं। फीडबैक सबमिट होते ही वह सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में दर्ज हो जाएगा। खास बात यह है कि फीडबैक देने वाला व्यक्ति अपनी पहचान और मोबाइल नंबर साझा करना चाहे या न चाहे—यह पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि समय की मांग है कि पुलिस तकनीकी रूप से सक्षम बने और जनता को भी सरल माध्यमों से अपनी बात रखने का अवसर मिले। ‘अनुभव’ इसी सोच का परिणाम है, जहां बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया या वरिष्ठ कार्यालयों के चक्कर लगाए, आमजन सीधे अपनी राय पुलिस के शीर्ष स्तर तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आज से ही बिलासपुर रेंज के सभी आठ जिलों के सभी थानों में QR कोड स्थापित कर दिए गए हैं और यह व्यवस्था एक साथ लागू कर दी गई है।

जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था जनता और पुलिस के बीच संवाद की दूरी को कम करेगी। अब आम नागरिक बिना झिझक अपने अनुभव और समस्याएं सीधे साझा कर सकेंगे, जिससे प्रशासनिक सुधार को वास्तविक दिशा मिलेगी।

संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन ने कहा कि नवाचार को अपनाना वर्तमान समय की अनिवार्यता है। पुलिस जनता की सेवक है और उसके कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन भी जनता के अनुभवों के आधार पर ही होना चाहिए। ‘अनुभव’ इसी भावना को मजबूत करता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में ‘अनुभव’ के QR कोड लगाए जा चुके हैं। थाने आने वाले फरियादियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर व्यवस्थागत सुधार किए जाएंगे, ताकि पुलिसिंग को और संवेदनशील व प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशिमोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल और पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने ‘अनुभव’ को रियल टाइम पुलिसिंग के लिए एक प्रभावी माध्यम बताया, जिससे थानों में आने वाली समस्याओं को तुरंत समझकर दूर किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में ‘अनुभव’ QR कोड का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से QR कोड के उपयोग और उसकी उपयोगिता की विस्तृत जानकारी दी गई। शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रिंट और सोशल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

आज से ही यह व्यवस्था बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के सभी थानों में लागू कर दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने आमजन से आह्वान किया कि वे इस व्यवस्था का सदुपयोग करें, अपने वास्तविक और महत्वपूर्ण अनुभव साझा करें—चाहे वह सराहना हो या कमी—ताकि पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

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