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बिलासपुर में ट्रैफिक पर सर्जिकल एक्शन: शहर के तीन प्रमुख सेक्टर होंगे ‘ट्रेफिक वायलेशन फ्री जोन’, सड़क पर दिखा प्रशासन का संयुक्त शक्ति प्रदर्शन

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के बीच बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रयोग जमीन पर उतर आया है। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त रणनीति के तहत शहर के सबसे व्यस्त तीन सेक्टरों को ‘ट्रेफिक वायलेशन फ्री जोन’ के रूप में विकसित करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मंगलवार को अग्रसेन चौक से पुराना बस स्टैंड तक चले सघन अभियान में सड़क पर पसरे अवैध अतिक्रमण, बैनर-फ्लेक्स, पक्के निर्माण और डिस्प्ले बोर्ड हटते दिखे। पूरे शहर को सेक्टर में बांटकर यातायात को स्मार्ट सिटी मॉडल पर ढालने की यह कवायद अब पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आगे बढ़ रही है।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशन में यातायात पुलिस ने शहर को सेक्टर आधारित मॉडल पर नियंत्रित करने की योजना को अमल में लाना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को केंद्र में रखते हुए भूतल परिवहन मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप सुधारात्मक और समाधानकारी प्रयासों की श्रृंखला चलाई जा रही है।
इसी क्रम में शहर के सबसे अधिक दबाव वाले इलाकों को चिन्हित कर पहले चरण में तीन सेक्टर तय किए गए हैं। इन क्षेत्रों में यातायात बाधित करने वाले हर तत्व पर एक साथ कार्रवाई करते हुए सड़क को खुला, सुव्यवस्थित और सुचारू बनाने का प्रयास तेज कर दिया गया है। मंगलवार को अग्रसेन चौक से पुराना बस स्टैंड तक चले अभियान में सड़क किनारे लगे बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, होर्डिंग, दुकानों के बाहर बढ़ाया गया पक्का निर्माण, अतिरिक्त दीवारें और मार्ग में बनाई गई अन्य संरचनाएं हटाई गईं।
कार्रवाई के दौरान दुकानों की छतों और ऊपरी हिस्सों से मुख्य मार्ग की ओर निकले साइन बोर्ड, डिस्प्ले बोर्ड और पुतलों को भी हटाया गया। इसके साथ ही होटल, लॉज, ढाबा, सराय, कोचिंग संस्थानों के सामने अनियंत्रित भीड़ और सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर स्थिति को सुव्यवस्थित करने पर फोकस रहा। ठेला, घूमटी, चाट-गुपचुप, फल और खिलौने बेचने वाले चलित ठेलों के कारण सड़क पर बन रही अव्यवस्था भी कार्रवाई के दायरे में रही।
अंतरविभागीय समन्वय के साथ चल रही इस मुहिम को शहर के स्मार्ट और सुरक्षित यातायात मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरे एक महीने तक लक्षित क्षेत्रों में जारी रहेगी, जिसके बाद शहर के अन्य इलाकों को भी क्रमशः सेक्टर में बांटने की तैयारी है।

1 | ये हैं पहले चरण के ‘ट्रेफिक वायलेशन फ्री जोन’
अग्रसेन चौक से पुराना बस स्टैंड
लिंक रोड से महिमा तिराहा होते हुए श्रीकांत वर्मा मार्ग
महाराणा प्रताप चौक से नेहरू चौक
2 | सड़क पर क्या-क्या हटाया गया
दुकानों के बाहर लगे बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और होर्डिंग
सड़क की ओर बढ़ाया गया पक्का निर्माण और अतिरिक्त दीवारें
मुख्य मार्ग में बनी अलग-अलग संरचनाएं
छतों और ऊपरी हिस्सों से निकले साइन बोर्ड, डिस्प्ले और पुतले
3 | किन कारणों से बिगड़ रही थी व्यवस्था
दुकानों और संस्थानों के सामने अनियंत्रित भीड़
सड़क पर खड़े वाहन
मुख्य मार्ग पर ठेला, घूमटी और अस्थायी दुकानें
अतिक्रमण के कारण संकरी होती सड़कें

4 | आगे की रणनीति
पूरे शहर को सेक्टर में विभाजित करने की योजना
प्राथमिकता वाले इलाकों में एक-एक कर कार्रवाई
पुलिस, प्रशासन और नगर निगम का संयुक्त अभियान
स्मार्ट सिटी तर्ज पर यातायात प्रबंधन का मॉडल

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