दोपहर में भड़की आग, देर शाम तक जारी रहा राहत कार्य, शॉर्ट सर्किट की आशंका
बिलासपुर।
बिलासपुर जिले के मोपका स्थित 132/33 केवी विद्युत सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में सब स्टेशन परिसर धुएं और ऊंची लपटों से घिर गया। इस घटना का सीधा असर शहर की बिजली आपूर्ति पर पड़ा और आधे से अधिक बिलासपुर में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय सब स्टेशन से तेज आवाज सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद आग की लपटें उठने लगीं। आग सबसे पहले ट्रांसफार्मर और उससे जुड़े विद्युत उपकरणों तक फैली, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया।
दमकल और बिजली अमले की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी और प्रशासनिक अमला भी तुरंत सब स्टेशन पहुंचा। आग बुझाने के लिए लगातार पानी और फोम का उपयोग किया गया। आग की भयावहता के चलते देर शाम तक राहत और बचाव कार्य चलता रहा।
एहतियात के तौर पर सब स्टेशन परिसर के आसपास आवाजाही पर रोक लगाई गई और कर्मचारियों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए आसपास के क्षेत्रों को खाली भी कराया गया।
शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप
मोपका सब स्टेशन से जुड़े कई फीडर बंद होने के कारण बिलासपुर शहर के अनेक प्रमुख इलाकों में बिजली गुल हो गई। आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ व्यावसायिक इलाके, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और बाजार क्षेत्र भी प्रभावित हुए।
अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं को वैकल्पिक व्यवस्था और जनरेटर के सहारे संचालित किया गया, लेकिन आम नागरिकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोबाइल नेटवर्क, जलापूर्ति और छोटे उद्योगों पर भी इसका असर देखने को मिला।
आग लगने के कारणों को लेकर संशय
आग लगने के कारणों को लेकर प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन बिजली कंपनी के उच्च अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा सब स्टेशन में लगे ट्रांसफार्मर, केबल, स्विचगियर और सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
करोड़ों के नुकसान की आशंका
इस घटना में भारी आर्थिक नुकसान की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रांसफार्मर, कंट्रोल पैनल, केबल और अन्य महंगे विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली कंपनी द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक फीडरों से चरणबद्ध तरीके से सप्लाई शुरू करने के प्रयास किए गए, वहीं मरम्मत और प्रतिस्थापन का काम युद्धस्तर पर चलता रहा।
सुरक्षा और रखरखाव पर उठे सवाल
मोपका सब स्टेशन बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र है। ऐसे महत्वपूर्ण सब स्टेशन में आग की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था, नियमित रखरखाव और फायर सेफ्टी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
घटना के बाद जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और बिजली कंपनी से विस्तृत रिपोर्ट तलब किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। देर रात तक तकनीकी अमला सब स्टेशन में व्यवस्था सामान्य करने और प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने में जुटा रहा।
मोपका सब स्टेशन से जुड़ा पूरा पावर नेटवर्क
मोपका स्थित 132/33 केवी सब स्टेशन बिलासपुर जिले की बिजली व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस सब स्टेशन से—
बिलासपुर शहर के कई प्रमुख सब स्टेशनों को नियमित विद्युत आपूर्ति दी जाती है
सीपत क्षेत्र के आवासीय इलाकों की सप्लाई भी इसी पर निर्भर है
खमरिया सब स्टेशन को भी मोपका से बिजली उपलब्ध कराई जाती है
इसी व्यापक नेटवर्क के कारण मोपका सब स्टेशन में आग की घटना का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीपत और खमरिया जैसे क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होती नजर आई।



