लिंगियाडीह अपोलो चौक में आवास बचाओ महाधरने में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री, मंच से केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे सवाल
बिलासपुर | 29 दिसंबर 2025
लिंगियाडीह अपोलो चौक में पिछले 38 दिनों से पट्टा प्राप्त आवासों को बचाने की मांग को लेकर चल रहे महाधरने को उस समय नया बल मिला, जब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धरना स्थल पर पहुंचे। नगर निगम बिलासपुर द्वारा आवास तोड़ने के लिए जारी नोटिस के विरोध में चल रहे इस क्रमिक आंदोलन में शामिल होकर भूपेश बघेल ने जनसभा को संबोधित किया और धरनार्थियों की मांगों का समर्थन किया।
धरना स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री के साथ विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर जिला अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, पूर्व महापौर रामशरण यादव, ब्लॉक अध्यक्ष विनोद साहू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा घृतेश, पिंकी बत्रा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजू यादव, सुनील पटेल, एनएसयूआई अध्यक्ष रंजीत सिंह, पार्षद मोहन श्रीवास, सुनील सोनकर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच मूल अंतर गरीबों को लेकर है। कांग्रेस जब भी सत्ता में रही है, उसने गरीबों और मजदूरों को आवास और पट्टा देने का काम किया है। स्वर्गीय अर्जुन सिंह की सरकार से लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन के दौरान लगातार गरीबों को बसाने और पट्टा प्रदान करने की नीति अपनाई गई। इसके विपरीत, जब-जब भाजपा की सरकार आई, तब-तब गरीबों को उजाड़ने का काम हुआ। उन्होंने कहा कि यही स्थिति आज लिंगियाडीह, चिंगराजपारा और बहतराई में देखने को मिल रही है।
भूपेश बघेल ने कहा कि जिन आवासों को वैधानिक रूप से पट्टा दिया गया है, उन्हें तोड़कर उद्यान बनाने या मल्टीप्लेक्स कॉम्प्लेक्स की योजना बनाना गरीबों के साथ अन्याय है। उन्होंने धरनार्थियों से अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कहते हुए कहा कि कांग्रेस इस संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने हसदेव, तमनार सहित अन्य क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी जंगल और गांव बचाने की लड़ाई ग्रामीण लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के अधीन प्रशासनिक अमला आंदोलनकारियों को उकसाकर हिंसक बनाने का प्रयास कर रहा है, ताकि आंदोलन कमजोर पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार मित्र उद्योगपतियों के पक्ष में खड़ी है और चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे कर बाद में गरीबों को भूल जाती है।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि लिंगियाडीह बस्ती की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में स्वर्गीय बी.आर. यादव और स्वर्गीय शेख गफ्फार के प्रयासों से हुई थी। उस समय बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और आवासों को पट्टा प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा सर्वे कराकर टैक्स की वसूली भी की गई। बस्तीवासियों ने सहमति से 80 फीट सड़क के लिए अपने मकान खाली कर सहयोग किया, इसके बावजूद उद्यान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान के नाम पर मकान तोड़ना अन्याय है।
विधायक दिलीप लहरिया, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर जिला अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा और स्थानीय पार्षद दिलीप पाटिल ने भी जनसभा को संबोधित किया। सभा का संचालन प्रदेश प्रवक्ता अभयनारायण राय ने किया।
पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा कि पिछले 9 महीनों से लगातार मकान और दुकान बचाने की लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि लिंगियाडीह क्षेत्र को कांग्रेस पार्षद को जिताने की सजा दी जा रही है। मंच से बोलते हुए वे भावुक हो गए और कहा कि प्रदेश के बड़े नेता भूपेश बघेल के धरना स्थल पर पहुंचने से इस संघर्ष में कांग्रेस नेताओं के साथ खड़े रहने का विश्वास और मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बैजनाथ चंद्राकर, आशीष सिंह ठाकुर, महेश दुबे, राजेंद्र शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन, अरविंद शुक्ला, झगर राम सूर्यवंशी, राजेंद्र साहू, जितेंद्र पांडेय, शिवबालक कौशिक, गीतांजली कौशिक, संध्या तिवारी, सीमा पांडेय, नरेंद्र बोलर, राजेश पांडेय, समीर अहमद, जुगल गोयल, पार्षद रामा बघेल, अब्दुल खान, अमित भारते, हरमेन्दर शुक्ला, त्रिलोक श्रीवास, अनिल यादव, विक्की यादव, अंकित प्रजापति, टिंकू पांडेय, सूर्यकांत तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रतिदिन धरने में शामिल होने वाली महिलाएं—श्रीमती यशोदा पाटिल, डॉ. रधु साहू, श्याममुरत कौशिक, पिंकू पांडे, श्रवण दास, साखन दरवे, भोलाराम साहू, प्रशांत मिश्रा, चतुर सिंह यादव, सूर्यमणि तिवारी, मयंक सिंह, दिनेश घोरे, डॉ. अशोक शर्मा, रूपेश साहू, अर्पणा पटल, पिंकी देवांगन, राजकुमारी देवांगन, ललिता मानिकपुरी, साधना यादव, नंदकुमारी, लता, पुष्पा और सरस्वती बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लिंगियाडीह से सरगुजा के लिए रवाना हो गए।



