
बिलासपुर।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं अर्थशास्त्र की बदलती भूमिका पर केंद्रित द्विदिवसीय संगोष्ठी ‘दृष्टि’ का शुभारंभ आज आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) की बिलासपुर शाखा द्वारा किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तनों, वित्तीय सुधारों तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की बढ़ती जिम्मेदारियों पर गहन विमर्श करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद तोखन साहू, विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आईसीएआई एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
आईसीएआई बिलासपुर शाखा के अध्यक्ष ने स्वागत भाषण देते हुए संगोष्ठी की आवश्यकता और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी के पहले सत्र में वक्ताओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति, वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ, कर सुधार, डिजिटल इकोनॉमी, स्टार्टअप संस्कृति तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका पर विस्तार से विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में सीए केवल लेखा विशेषज्ञ नहीं, बल्कि नीति निर्माण, आर्थिक सलाह और राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दूसरे सत्र में जीएसटी, प्रत्यक्ष कर, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, वित्तीय अनुशासन एवं पेशेवर नैतिकता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने युवाओं से निरंतर सीखने, तकनीक को अपनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में आईसीएआई के पदाधिकारी, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, युवा सदस्य, आर्टिकल स्टूडेंट्स एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। संगोष्ठी के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
आईसीएआई बिलासपुर शाखा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगोष्ठी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी तथा व्यावसायिक दक्षता को नई दिशा देगी।



