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जीजीयू छात्र अर्सलान की मौत का मामला सड़कों से सदन तक पहुंचा, विधानसभा और लोकसभा में उठेगी न्याय की मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (जीजीयू) में अध्ययनरत छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ यूनिवर्सिटी परिसर या जिला स्तर तक सीमित नहीं रहा। यह मुद्दा सड़कों से निकलकर अब विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचने की तैयारी में है। छात्र संगठन एनएसयूआई और कांग्रेस नेताओं की सक्रियता के बाद मामले को राजनीतिक स्तर पर भी गंभीरता से उठाया जा रहा है।
जीजीयू के विवेकानंद हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे अर्सलान अंसारी का शव 23 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी परिसर स्थित तालाब में मिला था। घटना के बाद से ही परिजन इसे सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जो मौत की परिस्थितियों पर सवाल खड़े करते हैं, इसके बावजूद पुलिस ने अब तक हत्या की धारा नहीं जोड़ी है।
पुलिस जांच पर उठे सवाल
मामले में पुलिस ने गैर इरादतन मृत्यु की धारा के तहत केस दर्ज करते हुए हॉस्टल वार्डन और सुरक्षा अधिकारी के पद का उल्लेख किया है, लेकिन जांच की रफ्तार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। परिजन और छात्र संगठनों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी न तो ठोस निष्कर्ष सामने आया है और न ही जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हुई है।
एनएसयूआई ने विधायक देवेंद्र यादव से की मुलाकात

इसी कड़ी में शनिवार को एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश क्षत्री (सिंह) के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को पूरे घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विसंगतियों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की कथित लापरवाहियों से अवगत कराया।
एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जब तक मामले में निष्पक्ष जांच, हत्या की धारा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय संभव नहीं है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
विधानसभा में उठेगा मामला
विधायक देवेंद्र यादव ने छात्र नेताओं को भरोसा दिलाया कि अर्सलान की मौत का मामला बेहद गंभीर है और इसे विधानसभा के पटल पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
लोकसभा तक पहुंची गूंज
इधर, ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री भी अर्सलान अंसारी के मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वे मामले से जुड़े दस्तावेज लेकर दिल्ली पहुंचे, जहां इसे लोकसभा स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि अब यह मामला राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
परिवार को अब भी न्याय का इंतजार
अर्सलान के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में एक छात्र की मौत के बाद भी यदि सवालों के जवाब नहीं मिलते, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
जीजीयू छात्र अर्सलान अंसारी की मौत का मामला अब प्रशासनिक चुप्पी, पुलिस जांच और विश्वविद्यालय प्रबंधन की भूमिका को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और तेज होने के संकेत दे रहा है।

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