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नए कपड़े पहनकर बेटी पार्क घूमने गई तो पिता बन बैठा हैवान: 16 साल की बेटी को बनाया हवस का शिकार, धमकी देकर किया दुष्कर्म… रायगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 11 दिसंबर 2025
एक पिता वो शख्स होता है जिसके कंधों पर बेटी की रक्षा का सबसे बड़ा दायित्व होता है, लेकिन रायगढ़ जिले में एक बाप ने इस रिश्ते को इतना कलंकित कर दिया कि समाज भी शर्मसार हो उठा। 16 साल की नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर, मारपीट कर और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की नींव को हिलाती है, बल्कि इंसानियत को भी झकझोर देती है।
कैसे हुआ सबकुछ…?
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में अपने माता-पिता और दो छोटे भाइयों के साथ रहती थी। मां घरों में काम करती थी, जबकि पिता बेरोजगार था और तुनकमिजाज होने के साथ-साथ आए दिन बच्चों संग मारपीट करता था। शराब और गुस्से का यह आदी आदमी घर को तनाव और डर का अड्डा बना चुका था।
26 जनवरी 2023 की शाम — बच्ची की मासूम खुशी पर लगा पिता की नजर का दाग
गणतंत्र दिवस के मौके पर लड़की ने नया कपड़ा पहना और सहेलियों संग पार्क घूमने चली गई। फोटो खिंचवा रही थी, हंस रही थी — उसी दौरान उसके पिता ने उसे देख लिया।
घर लौटते ही उसने बेटी को डांटना शुरू कर दिया। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी।
अगले दिन — पिता का हैवान बन जाना
27 जनवरी 2023 को जब घर में मां और दोनों छोटे भाई नहीं थे, पिता ने बेटी को कमरे में बुलाया।
पहले गुस्से में चिल्लाया… फिर मारपीट शुरू कर दी… और विरोध करने पर थप्पड़, धमकी और जोर-जबर्दस्ती के बीच नाबालिग के साथ उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाया।
लड़की रोई, चिल्लाई, बचने की कोशिश की — लेकिन पिता ने गला दबाते हुए कहा:
“अगर किसी को बताया तो तुझे और पूरे परिवार को मार डालूँगा…”
उस एक पल ने बच्ची की मासूम दुनिया को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
महीनों तक सहती रही चुप्पी… आखिरकार टूटे हौसले का पहाड़
डर, सदमा और परिवार के टूटने के भय में बच्ची कई महीनों तक चुप रही।
मगर अंततः उसने साहस जुटाकर महिला थाने पहुंचकर पूरा दर्द बयां किया।
एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी पिता को उसी समय हिरासत में ले लिया गया
उसके खिलाफ POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है।
पीड़िता की मां का दर्द — “मैं कमाने जाती थी बच्चों को बचाने के लिए…”
घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
पीड़िता की मां बार-बार रोते हुए यही कह रही है:
“जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा था, वही सबसे बड़ा दुश्मन निकला…”
पड़ोसी भी सहमे हुए हैं —
“जिसे हम बाबूजी कहते थे, वह ऐसा कर सकता है, कभी सोचा नहीं था।”
पुलिस की कार्रवाई
महिला थाना प्रभारी के मुताबिक:
मामला अत्यंत संवेदनशील है
पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है
उसे काउंसलिंग हेतु भेजा गया है
आरोपी को जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा
सख्त धाराओं में मुकदमा चलेगा
देशभर की तस्वीर — यह घटना कोई अपवाद नहीं
NCPCR के आंकड़ों के अनुसार, बालिकाओं के यौन शोषण के 50% से अधिक मामले परिवार या रिश्तेदारों द्वारा किए जाते हैं
परिवार की चारदीवारी में होने वाले ऐसे अपराध इसलिए भी बढ़े हुए हैं क्योंकि ज्यादातर बच्चे डर और शर्म की वजह से आवाज नहीं उठा पाते।
रायगढ़ की यह वारदात एक बार फिर कई सवाल खड़े करती है —
बेटियां आखिर कब तक अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी?
कानून कितना भी सख्त हो जाए, अगर घर का चौकीदार ही भेड़िया बन जाए तो सुरक्षा कैसे संभव है?
फिलहाल पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
पीड़िता न्याय की उम्मीद में है… और समाज उसकी ओर देख रहा है।
(पीड़िता का नाम व पहचान गोपनीय रखी गई है)
POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) — प्रमुख बिंदु
बच्चों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सजा
18 वर्ष से कम आयु के सभी मामलों पर लागू
पीड़िता का बयान महिला अधिकारी द्वारा
मेडिकल जांच अनिवार्य
दोषी को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा
ट्रायल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में
पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय
बेटियों के लिए प्रमुख सुरक्षा योजनाएं
बालिका सुरक्षा योजना (छत्तीसगढ़)
वन-स्टॉप सेंटर (OSC) — पीड़िताओं को काउंसलिंग, मेडिकल, कानूनी सहायता
181 महिला हेल्पलाइन
चाइल्डलाइन 1098 — बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल मदद
निर्भया फंड योजनाएं
स्कूल सेफ्टी एंड अवेयरनेस प्रोग्राम

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