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बिलासपुर में जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष — भैराबांधा तालाब के पास सिर कुचला शव मिला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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सकरी पुलिस ने FIR दर्ज होते ही तेजी दिखाई, तीनों आरोपी चंद घंटे में गिरफ्तार
बिलासपुर।
सकरी थाना क्षेत्र के चोरभट्ठीखुर्द गांव में बुधवार को जमीन विवाद ने भयावह रूप ले लिया। भैराबांधा तालाब के किनारे खून से लथपथ पड़ा 48 वर्षीय मनबोध यादव का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सिर पर धारदार टंगली से किए गए वार इतने घातक थे कि घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
बेटे ने खून से भरे शव को देखा, थाने पहुंचकर दर्ज कराई रिपोर्ट
मृतक के पुत्र मंयक यादव (20 वर्ष) ने सबसे पहले अपने पिता का रक्तरंजित शव देखा। तुरंत सकरी थाना पहुंचे और पुलिस को बताया कि उनके पिता का शव तालाब के पास पड़ा है।
रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग क्र. 117/2025 धारा 194 BNS और तत्पश्चात अपराध क्र. 956/2025 धारा 103(1), 61(2) BNS के तहत हत्या का मामला दर्ज किया।
जांच की दिशा तय होते ही पूरा पुलिस तंत्र सक्रिय हो गया।
जमीन विवाद बना खून का कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मनबोध यादव और आरोपियों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।
बुधवार को विवाद इतना बढ़ा कि धारदार टंगली से हमला कर मनबोध यादव की हत्या कर दी गई। वार इतने जोरदार थे कि सिर पर गहरे घावों से भारी रक्तस्राव हुआ।
तीन आरोपी — चंद घंटों में धराए
पुलिस की त्वरित कार्रवाई इस मामले की मुख्य कड़ी रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए, जिसके बाद टीम सक्रिय हुई।
गिरफ्तार आरोपी
गौतमचंद साहू, पिता हरिशचंद्र साहू, उम्र 33 वर्ष
गुलाबचंद साहू, पिता हरिशचंद्र साहू, उम्र 30 वर्ष
अजय धु्रव, पिता सुखीराम, उम्र 22 वर्ष
तीनों आरोपी चोरभट्ठीखुर्द के ही रहने वाले हैं।
जांच टीम द्वारा इलाके की घेराबंदी, संभावित ठिकानों की तलाश और लगातार पीछा करने के बाद तीनों को उसी दिन पकड़ लिया गया।
सकरी थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में बनी टीम में उप निरीक्षक से लेकर आरक्षकों तक सभी ने तेजी से काम किया और आरोपियों को पकड़कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की तत्परता की चर्चा
मामला दर्ज होते ही पुलिस की सक्रियता की चर्चा पूरे इलाके में रही।
सउनि सुरेंद्र तिवारी की अगुवाई में कार्रवाई की गई, जिसमें
राजकुमार वस्त्रकार, रवि लहरे, लक्ष्मीकांत कश्यप, सुमंत कश्यप, रूपेश कौशिक, आशीष शर्मा, अमित पोर्ते, कलीराम यादव, मनोज बघेल, विनोद शास्त्री और पवन बंजारे शामिल रहे।
टीम ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ हालात संभाले बल्कि हत्या के तीनों आरोपियों को कम समय में गिरफ्तार कर पूरा मामला नियंत्रित कर लिया।
हत्या से सहमा गांव, पुलिस जांच जारी
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। गांव के लोग दहशत में हैं और जमीन विवाद का यह खूनी अंत चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों, विवाद के शुरुआती बिंदु और हथियार की जब्ती आदि पर आगे की जांच कर रही है।

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