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धान बेचने का टोकन नहीं मिला… 65 वर्षीय किसान ने गले पर ब्लेड चला लिया, खेत में लहूलुहान मिले, हालत बेहद नाजुक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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महासमुंद जिले के सेनभाठा गांव में टोकन न मिलने की लगातार परेशानी ने एक बुजुर्ग किसान को ऐसा तोड़ दिया कि उसने खेत में जाकर अपने ही गले पर ब्लेड चला लिया। गांव में गाय चराने निकले किसान को जब लहूलुहान देखा गया, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

बिलासपुर ,रायपुर,महासमुंद/बागबाहरा। सेनभाठा (बागबाहरा) गांव में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 65 वर्षीय किसान मनबोध गांडा ने धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से तंग आकर कथित रूप से अपने ही गले पर ब्लेड से हमला कर आत्महत्या का प्रयास किया। सुबह घर से गाय चराने निकले मनबोध खेत के पास लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया।
गांववालों ने घायल किसान को देख तुरंत परिजनों को सूचना दी। 112 की टीम मौके पर पहुंची और मनबोध को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, चोट गहरी है और स्थिति नाज़ुक बनी हुई है। रायपुर रेफर किए जाने की तैयारी चल रही है।
परिजनों का कहना है कि मनबोध पिछले तीन दिनों से टोकन कटवाने चॉइस सेंटर के चक्कर लगा रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। उनके बेटे ने बताया कि “पिताजी दो–तीन दिनों से बहुत परेशान थे लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहे थे। सुबह गाय चराने निकले और खेत में जाकर अपने हाथ से गला काट लिया। घर में 11 लोग हैं, जमीन सिर्फ एक एकड़ 40 डिसमिल है… टोकन अभी तक नहीं कट पाया है।”
घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। बागबाहरा एसडीएम नमिता मारकोले ने बताया कि किसान द्वारा टोकन न मिलने के कारण आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि मनबोध चॉइस सेंटर गया था, जबकि टोकन किसान ऐप, चॉइस सेंटर और समिति—तीनों जगह से काटा जा सकता है। समिति के अनुसार, वह सोसायटी में टोकन कटवाने आया ही नहीं था। बताया गया कि शनिवार को चॉइस सेंटर में टोकन नहीं कटते और संभव है कि मोबाइल ऐप की लिमिट पूरी होने के कारण भी टोकन न बन पाया हो। चॉइस सेंटर संचालक ने पुष्टि की कि किसान आज सुबह ही वहां आया था।
ग्रामीण इलाके में इस घटना के बाद बेचैनी है। धान बिक्री व्यवस्था और किसान की बेबसी को लेकर गांव में चर्चा तेज हो गई है।

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