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बिलासपुर में सत्ता बनाम विपक्ष की सीधी टक्कर: कांग्रेस का कलेक्टर ऑफिस घेराव कल, जर्जर सड़कें–बिजली बिल–धान खरीदी–बुलडोज़र कार्रवाई पर BJP सरकार घिरी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, रायपुर।बिलासपुर में राजनीतिक तापमान चरम पर रहने वाला है। कांग्रेस ने गुरुवार (27 नवंबर) को दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। स्थानीय मुद्दों से लेकर गरीब–किसानों की जमीनी परेशानियों तक, कांग्रेस इस प्रदर्शन को बीजेपी सरकार के खिलाफ बड़े जनमोर्चे के रूप में पेश कर रही है।
यह प्रदर्शन कांग्रेस भवन से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय तक जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में होने वाली इस कार्रवाई को पार्टी “जन–अधिकार आंदोलन” के रूप में प्रचारित कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार पर खोला मोर्चा — ये हैं मुख्य आरोप
1. जर्जर सड़कों पर हमला
कांग्रेस का दावा है कि जिले की सड़कें खस्ताहाल हैं, लेकिन सरकार मरम्मत के नाम पर केवल घोषणाएं कर रही है। ग्रामीण इलाकों में हालात और बदतर बताए जा रहे हैं।
2. बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी
पार्टी ने महंगे बिजली बिलों को “आम जनता की जेब पर सीधा प्रहार” बताया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिल सुधार की शिकायतें भी अनसुनी की जा रही हैं।
3. धान खरीदी में अव्यवस्था
धान बेचने किसानों को परेशानी, लंबी कतारें, बारदाने की कमी और केंद्रों में अव्यवस्था को बड़े मुद्दे के तौर पर उठाया जा रहा है। कांग्रेस इसे “किसानों की पीड़ा के प्रति सरकार की संवेदनहीनता” बता रही है।
4. रजिस्ट्री दरों में वृद्धि और छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री बंद
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सिर्फ बिलासपुर जिले में जमीन की छोटी रजिस्ट्री पर अघोषित रोक है। इसके साथ ही रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी से आम लोगों पर बोझ बढ़ा है।
5. गरीब बस्तियों पर बुलडोज़र कार्रवाई
कांग्रेस का कहना है कि वर्षों से बसे गरीबों के मकानों पर कार्रवाई करके सरकार विकास नहीं, बल्कि “उजाड़ अभियान” चला रही है। हाल की तोड़फोड़ की घटनाओं ने झुग्गी–बस्तियों में रोष को और बढ़ा दिया है।
पूर्व विधायक शैलेश पांडे उतरे मैदान में, महिलाओं को मिला बड़ा समर्थन
लिंगियाडीह–दुर्गा नगर में गरीबों के घरों पर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में पूर्व विधायक शैलेश पांडे भी खुलकर सामने आए हैं। उनके समर्थन से इलाके की महिलाओं में बड़ा हौसला देखा जा रहा है। कई महिलाएं घेराव में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं।
कांग्रेस इसे “जनता की आवाज़ का नेतृत्व” बता रही है।
राजनीतिक संदेश साफ — कांग्रेस सड़कों पर, BJP पर सीधा हमला
यह प्रदर्शन सिर्फ प्रशासन को घेरने के लिए नहीं, बल्कि सरकार को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। लगातार स्थानीय मुद्दों पर जनता की नाराज़गी को हवा देते हुए कांग्रेस बिलासपुर में अपने संगठनात्मक दमखम का प्रदर्शन करना चाहती है।
दूसरी ओर, भाजपा सरकार द्वारा हाल में की गई तोड़फोड़ कार्रवाई, धान खरीदी व्यवस्था और रजिस्ट्री नीति को लेकर लोगों में बढ़ते असंतोष को कांग्रेस राजनीतिक अवसर के रूप में भुनाना चाहती है।
घेराव — भीड़ का आकार तय करेगा राजनीतिक असर
कलेक्टर कार्यालय घेराव में भीड़ कितनी जुटती है, यह आने वाले दिनों में जिले की राजनीति का टोन सेट कर सकता है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि हजारों कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।

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