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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था सवालों के घेरे में—बिलासपुर में अव्यवस्थाएं गहरी, राजनांदगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मोहम्मद इसराइल बबलू

बिलासपुर ,रायपुर।छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर चल रहे धान खरीदी अभियान की दो तस्वीरें एक साथ सामने आई हैं—एक तरफ बिलासपुर, जहां अव्यवस्था, मनमानी और लापरवाही ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है; दूसरी तरफ राजनांदगांव, जहां प्रशासन ने अवैध धान परिवहन और मिलावटखोरी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए लाखों का धान जब्त किया है। दोनों जिलों की स्थिति का विरोधाभास राज्य की व्यवस्था पर भारी सवाल खड़े कर रहा है।
बिलासपुर: धान खरीदी में अव्यवस्था गहरी, किसानों को टोकन से लेकर बिक्री तक मुश्किलें


मंथन सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धान खरीदी अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उपार्जन केंद्रों में खरीदी शुरू होने, बारदान उपलब्धता, प्रतिदिन स्टैकिंग और मॉनीटरिंग को लेकर निर्देशों की बौछार की गई।
लेकिन जमीनी हालात इन निर्देशों से उलट दिखाई देते हैं।
किसानों को टोकन कटवाने में ही भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई समितियों में पंजीयन कार्य में कोताही बढ़ने से हजारों किसान असमंजस में हैं। जिला एवं केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारियों पर मनमानी और लापरवाही के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं।
धान खरीदने वाले केंद्रों पर लाइन लंबी है, लेकिन प्रक्रिया सुस्त।
दावा व्यवस्था दुरुस्त होने का, पर किसान लगातार चक्कर लगाने को मजबूर।
खरीदी की निगरानी के लिए बैंक सुपरवाइजरों और सहकारिता विस्तार अधिकारियों को 8–10 केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन निरीक्षण की तस्वीर उम्मीद से अलग है। फड़ पर डनैज, नाली और कैप कवर की उपलब्धता को लेकर भी शिकायतें बढ़ रही हैं।
राजनांदगांव: हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन—56 लाख मूल्य का अवैध धान जब्त
राज्य सरकार के निर्देश पर धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के लिए जिलों में निगरानी अभियान चल रहा है, और राजनांदगांव इस अभियान का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
यहां अब तक 55.92 लाख रुपये मूल्य का 1804 क्विंटल धान जब्त किया जा चुका है। दो वाहन भी कब्जे में लिए गए हैं।
20 नवंबर को डोंगरगढ़ क्षेत्र के खुर्सीपार उपार्जन केंद्र में 820 क्विंटल धान पकड़ा गया।
इसमें ग्राम सेमरा के बिचौलिये द्वारा लाया गया 339 क्विंटल मिलावटी ग्रीष्मकालीन धान भी शामिल था।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने मौके पर कार्रवाई की।
जिले में 1500 लाइसेंस धारक व्यापारियों की सूची बनाई गई है। संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बोरतलाव, पाटेकोहरा और कल्लूबंजारी के अंतर्राज्यीय चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी जारी है।
कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ा पहरा है।
दो जिलों की दो तस्वीरें—व्यवस्था पर भारी सवाल
जब राजनांदगांव में धान के अवैध भंडारण और तस्करी पर लगातार शिकंजा कस रहा है, वहीं इसी राज्य के बिलासपुर में किसान टोकन के लिए परेशान हैं।
एक जगह प्रशासन मिलावटी धान तक की पहचान कर रहा है, दूसरी जगह किसान अपने असली धान के पंजीयन के लिए भटक रहे हैं।
बिलासपुर की सुस्त गति और राजनांदगांव की आक्रामक कार्रवाई के बीच फासला बढ़ता जा रहा है।

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