बिलासपुर , रायपुर।
बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव विवाद और लगातार उठते सवालों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए क्लब की जिम्मेदारी नए निर्वहन अधिकारी को सौंप दी है। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश ने प्रेस क्लब की प्रशासनिक संरचना बदल दी है और अब चुनाव एवं संचालन की निगरानी सहायक पंजीयक करेंगे।
बिलासपुर में संस्था बिलासपुर प्रेस क्लब के प्रबंधन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आई शिकायतों के बाद प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है। रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज, नया रायपुर के निर्देश पर कलेक्टर बिलासपुर ने मंगलवार को नया आदेश जारी कर पूर्व नियुक्त प्रशासनिक/राजस्व अधिकारी को हटाते हुए सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर को नया निर्वहन अधिकारी नामित किया है।
आदेश छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1973 की धारा 33(1) के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शिता और संस्थागत कार्यों की नियमितता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था।
कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि—
नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा
प्रेस क्लब के सभी प्रशासनिक कार्य अब सहायक पंजीयक की निगरानी में संचालित किए जाएंगे
आदेश की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज, संभाग आयुक्त, सहायक पंजीयक और प्रेस क्लब को भेजी गई है
19 सितंबर को हुए प्रेस क्लब चुनाव को लेकर कई पत्रकारों ने प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत की थी। चुनाव अधिकारी पर आरोप था कि—
निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया
बार-बार जारी नोटिसों के बावजूद रजिस्ट्रार कार्यालय को कोई जवाब या आवश्यक दस्तावेज नहीं सौंपे गए
चुनाव प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई
लंबी जांच और लगातार शिकायतों के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय ने चुनाव को अवैध घोषित कर कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।
इस नए आदेश के बाद प्रेस क्लब की पूरी चुनावी प्रक्रिया और संचालन की दिशा बदल चुकी है और अब आगे की सभी प्रक्रिया सरकारी नामित अधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में होगी।



