रायपुर/बिलासपुर। राजस्व निरीक्षक (RI) भर्ती परीक्षा 2024 में गंभीर अनियमितताओं और पेपर लीक के शक ने छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में ACB-EOW की टीमों ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, गरियाबंद और जगदलपुर सहित कई जिलों में आज तड़के एक साथ दबिश दी। कार्रवाई उन अधिकारियों, कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के ठिकानों पर की गई, जिन पर प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आए थे।
जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी को कई केंद्रों से संदेहास्पद पैटर्न मिले थे—कुछ अभ्यर्थियों के रोल नंबरों का क्रम संदिग्ध रूप से पास-पास पाया गया, वहीं एक ही परिवार या रिश्तेदारी वाले उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी सवाल उठे। परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों, ओएमआर शीट के कॉलम में विसंगतियों और केंद्र आवंटन में अनियमितता को लेकर उम्मीदवारों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा।
छापेमारी में टीमों ने कंप्यूटर, मोबाइल, पेन-ड्राइव, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जब्त सामग्री में चैट हिस्ट्री, वित्तीय लेन-देन और संदेहास्पद दस्तावेजों की सूची शामिल है, जिन्हें जांच अधिकारी अलग-अलग तकनीकी इकाइयों को भेज रहे हैं।
जांच के दौरान कई जिलों से मिली सूचनाओं ने संदेह को और मजबूत किया है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कुछ अधिकारी या कर्मचारी बाहरी लोगों के संपर्क में थे। जिन स्थानों पर दबिश दी गई, वे उन व्यक्तियों के घर और कार्यालय बताए जा रहे हैं जिन पर प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने का शक था।
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद से अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ा है और कई जिलों में शिकायतें दर्ज होने लगी थीं। परीक्षा की तैयारी में जुटे युवाओं ने यह सवाल उठाया था कि अनियमितताओं के चलते मेरिट पर सीधा असर पड़ा, जिससे योग्य उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ।
ACB-EOW द्वारा जब्त की गई सामग्री की जांच आगे और खुलासे की ओर बढ़ने का संकेत दे रही है। टीमों की आज की कार्रवाई पूरे मामले में अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी मानी जा रही है, जिसने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरे प्रश्न खड़े कर दिए हैं।



